मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना : किसानों का होगा ब्याज माफ
इंदौर जिले में लाभान्वित होंगे 22 हजार 479 किसान
इंदौर 24 मई 2018/ राज्य शासन द्वारा डिफाल्टर किसानों के हित में एक नई महत्वपूर्ण योजना लागू की गयी है। इस योजनांतर्गत 15 जून 2018 तक अपनी बकाया राशि का 50 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले किसान योजना की पात्रता सूची में शामिल हो जाएंगे। योजना के तहत बाद में शेष 50 प्रतिशत मूलधन राशि जमा करने वाले किसानों का पूरा ब्याज भी माफ किया जायेगा।
इस योजना के अंतर्गत इंदौर जिले में कुल 22 हजार 479 डिफाल्टर किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना अंतर्गत पात्रता रखने वाले किसान अपने खाते में बकाया मूलधन की न्यूनतम 50 प्रतिशत राशि 15 जून 2018 तक जमा कर योजना में भाग ले सकते हैं। इसके पश्चात शेष 50 प्रतिशत बकाया मूलधन राशि जमा करने वाले कृषकों को ऋण लेने की पात्रता सूची में शामिल किया जायेगा। जिले में इस योजना का लाभ अल्पावधि फसल ऋण तथा मध्यावधि परिवर्तित ऋण लेने वाले कृषकों को मिलेगा। यह सुविधा ऐसे कृषकों को मिलेगी जो 30 जून 2017 तक के डिफाल्टर कृषकों की सूची में शामिल थे।
जिले में अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले डिफाल्टर कृषक 19 हजार 190 थे। इन पर बकाया मूलधन 196 करोड़ 38 लाख 66 हजार 385 था। इनकी ब्याज राशि 74 करोड़ 54 लाख 88 हजार रूपये है। इसी तरह ऐसे कृषक जिन्होने अल्पावधि ऋण लिया था परन्तु वह प्राकृतिक आपदा के कारण जमा नहीं कर पाये और वह ऋण् मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किया गया। उनकी संख्या 3 हजार 289 थी। इन पर कुल राशि 23 करोड़ 70 लाख 49 हजार 990 रूपये बकाया थी। इसमें 18 करोड़ 74 लाख 99 हजार 115 रूपये मूलधन तथा 4 करोड़ 95 लाख 50 हजार 875 रूपये ब्याज राशि शामिल हैं। इन कृषकों द्वारा अगर अपने बकाये मूलधन का 50 प्रतिशत राशि दिनांक 15 जून 2018 तक जमा की जाती है तथा उसे पश्चात शेष 50 प्रतिशत बकाया मूलधन राशि कृषक द्वारा जिस दिनांक को चुकाई जाएगी उसी दिन किसान को इस राशि के बराबर का शून्य प्रतिशत ब्याज का नवीन नगद ऋण स्वीकृत कर वितरण कर दिया जायेगा और उस दिनांक को खाते में शेष बकाया ब्याज की संपूर्ण राशि माफ कर दी जायेगी।
बताया गया है कि 30 जून 2017 पर अल्पावधि फसल ऋण की कालातीत बकाया राशि तथा प्राकृतिक आपदा के कारण पूर्व वर्षो में मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किये गये अल्पावधि फसल ऋण की कालातीत बकाया राशि वाले प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) के कृषक सदस्य योजनांतर्गत पात्र होंगे। इस योजना में ऐसे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सम्मिलित होंगे , जो राज्य शासन की इस समाधान योजना को अंगीकृत करने हेतु सहमत होंगी।
योजना का लाभ लेने हेतु पात्रता :- जिस दिनांक को योजना अंतर्गत बकाया कालातीत ऋणों के निपटारे हेतु समाधान किया जाना है, उस दिनांक को बकाया मूलधन का 50 प्रतिशत न्यूनतम जमा कराया जाना अनिवार्य है।
योजना में भाग लेने हेतु कृषक द्वारा बकाया मूलधन का 50 प्रतिशत राशि अंतिम तिथि 15 जून 2018 तक जमा किया जाना होगा। ऋणगृहिता कृषक अपनी सुविधा अनुसार यदि चाहें तो उक्त 50 प्रतिशत मूलधन की राशि किश्तों में भी 15 जून 2018 तक जमा कर सकते है।
समाधान फार्मूला :- कृषक से समाधान योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त किया जायेगा एवं संबंधित कृषक द्वारा बकाया मूलधन की राशि का 50 प्रतिशत चुका देने पर निम्नानुसार कार्यवाही की जाएगी :-
कृषक का एनसीएल नवीन ऋणमान से तत्काल स्वीकृत किये जाने की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। कृषक द्वारा जिस दिनांक को शेष आधे मूलधन की राशि चुकायी जायेगी, उसी दिन कृषक को इस राशि के बराबर का शून्य प्रतिशत ब्याज का नवीन नगद ऋण स्वीकृत कर वितरण कर दिया जावेगा और उस दिनांक को खाते में शेष बकाया ब्याज की संपूर्ण राशि माफ कर दी जायेगी। कृषक को नवीन ऋणमान के अंतर्गत उपलब्ध शेष साख सीमा का अतिरिक्त ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वस्तु ऋण के रूप में उपलब्ध होगा।
योजना में सम्मिलित होने वाले कृषकों को खरीफ 2018 सीजन में नगद ऋण की मात्रा आधे मूलधन राशि से अधिक नहीं होगी। ऋण का शेष भाग वस्तु ऋण के रूप में होगा। किन्तु आगामी रबी सीजन 2018-19 एवं इसके पश्चात आने वाले कृषि मौसमों में यह बंधन लागू नहीं रहेगा और नगद एवं वस्तु ऋण का अनुपात नियमित श्रेणी के कृषकों की भांति रहेगा।
योजना की अवधि :- कृषक को योजना में शामिल होकर लाभान्वित होने की अंतिम तिथि 15 जून 2018 रहेगी।
/महिपाल/विजय
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