Saturday, 14 January 2017

आनंद उत्सव के तहत जिला प्रशासन इंदौर के दो नवाचार
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प्रभारी मंत्री श्री मलैया ने जिला प्रशासन की 
दो नई अभिनव योजनाओं का किया शुभारंभ
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डिजीटल डाकिया तथा शासकीय विद्यालयों में लायब्रोरी की योजना हुई प्रारंभ
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डिजीटल डाकिया योजना प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू होगी
इंदौर 14 जनवरी, 2017
आनंद उत्सव के अंतर्गत जिला प्रशासन इंदौर ने दो नवाचार करते हुये दो नई अभिनव योजनायें प्रारंभ की हैं। इन दोनों योजनाओं का आज यहां आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रभारी तथा वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने शुभारंभ किया। जिला प्रशासन द्वारा कैशलेस ट्रांजेक्शन के संबंध में जनजागृति लाने के लिये डिजीटल डाकिया तथा इंदौर जिले के शासकीय स्कूलों में जनसहयोग से लायब्रोरी स्थापित करने की अभिनव योजनायें प्रारंभ की हैं। यह दोनों योजनायें पूरे प्रदेश में अपनी तरह की पहली एवं अनूठी योजनायें हैं। 
इन योजनाओं के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने की। इस मौके पर कलेक्टर श्री पी.नरहरि, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री गोपाल सिंह चौधरी तथा एडीएम श्री अजय देव शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि श्री मलैया ने इन दोनों योजनाओं की शुरूआत करने के लिये जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उक्त दोनों योजनायें समय की बड़ी जरूरत को पूरा करेंगी। श्री मलैया ने कहा कि कैशलेस ट्रांजेक्शन को प्रोत्साहित करना समय की जरूरत है। कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देकर कई समस्याओं से निजात मिल सकती है। इससे कई आर्थिक अपराध भी रूकेंगे। कैशलेस ट्रांजेक्शन के संबंध में जनजागृति लाने के लिये जिला प्रशासन द्वारा लागू की गयी डिजीटल डाकिया योजना कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि डिजीटल डाकिया की योजना प्रदेश के दूसरे जिलों में भी लागू की जायेगी। उम्मीद है कि इस योजना से बेहतर परिणाम मिलेंगे। डिजीटल ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये राज्य शासन द्वारा भी अपने स्तर से कई प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैशलेस ट्रांजेक्शन का दायरा बढ़े, यह हमारा ध्येय है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने कहा कि जनहित में नवाचार के लिये इंदौर जिले ने प्रदेश में हमेशा अग्रणी भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में जनसहयोग से लायब्रोरी की स्थापना करना सार्थक प्रयास है। लायब्रोरी की स्थापना होने से स्कूली बच्चों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी।  बच्चे संस्कारवान बनेंगे। संस्कारवान व्यक्ति स्वावलंबी होता है। उन्होंने कहा कि विद्यादान जीवन का सबसे बड़ा दान है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने डिजीटल डाकिया तथा शासकीय स्कूलों में जनसहयोग से स्थापित की जा रही लायब्रारी की योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में डिजीटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय, नगर निगम, कोषालय, परिवहन कार्यालय, पंजीयन कार्यालय आदि शासकीय कार्यालयों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया गया है। कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये समाज के विभिन्न वर्गों की मदद ली जा रही है। इनके सहयोग से जनजागृति के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जगह-जगह पर कार्यशालायें आयोजित की जा रही है। अब इसी प्रयास के तहत डिजीटल डाकिया योजना शुरू की गयी है। इसके अंतर्गत डिजीटल डाकियों की नियुक्ति की गयी है। उक्त डाकिया जगह-जगह जाकर डिजीटल ट्रांजेक्शन के उपयोग के बारे में लोगों को प्रोत्साहित करेंगे। वे लक्षित व्यक्तियों से रूबरू चर्चा कर उन्हें डिजीटल बैंकिंग, उसकी कार्यप्रणाली, उसके फायदों के बारे में जानकारी देंगे और प्रेरित करेंगे कि वे उसका भरपूर उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगामी 21 जनवरी तक कैशलेस आनंद उत्सव बनाया जायेगा। इसके तहत 24 जनवरी को वृहत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे डिजीटल क्रांति का हिस्सा बनें।
श्री नरहरि ने शासकीय स्कूलों में जनसहयोग से लायब्रोरी स्थापना की योजना के संबंध में जानकारी देते हुये बताया कि जिले में वर्तमान में 50 स्कूलों में जनसहयोग से लायब्रोरी स्थापित की गयी है। इसके लिये प्रत्येक दानदाता से लायब्रोरी के लिये 31 हजार रूपये का सहयोग लिया जा रहा है। इस राशि से 400 प्रकार की पुस्तकें तथा अलमारी क्रय की जायेगी।  अभी तक जिले में 16 लाख रूपये का जनसहयोग प्राप्त हो चुका है। 
कार्यक्रम के प्रारंभ में लायब्रोरी स्थापना योजना के समन्वयक श्री अनिल भण्डारी ने योजनाओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि हमारा प्रयास है कि जनसहयोग से अगले एक वर्ष में कम से कम 800 शासकीय स्कूलों में लायब्रोरी की स्थापना की जायेगी। लायब्रोरी की स्थापना होने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में दान देने के लिये बड़ी संख्या में लोग आगे आ रहे हैं।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री मलैया ने लायब्रोरी स्थापना के लिये दान देने वाले समाजसेवियों का सम्मान किया। लायब्रोरी के लिये संबंधित प्राचार्यों को अलमारी की चाबी सौंपी। उन्होंने डिजीटल डाकिया योजना के लोगो तथा इस संबंध में बनाई गयी वीडियो फिल्म का विमोचन भी किया।
महिपाल/कपूर

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