Monday, 16 January 2017


अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत अब तक 
जिले में किये गये 4 हजार से अधिक आपरेशन 
इंदौर, 16 जनवरी 2017 
कलेक्टर श्री पी. नरहरि के निर्देशानुसार जिले में अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत गरीब बस्ती और ग्रामीण क्षेत्र में शिविर लगाकर मोतियाबिंद रोगियों की पहचान की गई तथा अभी तक जिले में 4397 आपरेशन किये गये। चोइथराम नेत्रालय द्वारा 2945, अरविन्दो हास्पिटल द्वारा 334, इंदौर आई हास्पिटल द्वारा 570, एमवाय अस्पताल द्वारा 115, जिला अस्पताल द्वारा 72, निहार नेत्रालय द्वारा 321, राजस आई हास्पिटल द्वारा 24 और रोहित आई हास्पिटल द्वारा 16 आपरेशन पिछले एक माह में किये गये। 
राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के तत्वावधान में जिला अंधत्व निवारण समिति द्वारा 31 जनवरी तक जिले में 245 नेत्र परीक्षण शिविर लगाये जाएंगे। इन शिविरों में जाँच कर उपयुक्त पाये जाने पर निर्धारित अस्पतालों में ऑपरेशन किये जाएंगे। इंदौर जिले को राज्य शासन द्वारा 5000 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत वर्ष इसी अवधि में 3000 से अधिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन किये गये थे। राज्य शासन के निर्देशानुसार चोइथराम नेत्रालय धार रोड इंदौर में 114 नेत्र परीक्षण शिविर, अरविन्दो अस्पताल उज्जैन रोड में 31 नेत्र परीक्षण शिविर और इंदौर नेत्र चिकित्सालय में 17 नेत्र परीक्षण शिविर लगाये जाएंगे। परीक्षण उपरान्त उपयुक्त पाये जाने पर मरीजों का एमवाय अस्पताल, जिला अस्पताल, राजस आई हास्पिटल, रोहित आई हास्पिटल, निहार नेत्रालय, गीता भवन हास्पिटल और गुरु तेगबहादुर हास्पिटल में ऑपरेशन किया जायेगा। 
जिला अंधत्व निवारण समिति के सचिव डॉ. त्रिलोचन सिंह होरा ने बताया कि जिला अंधत्व निवारण समिति के तत्वावधान में इंदौर जिले में चोइथराम नेत्रालय में 100, अरविन्दो हास्पिटल में 25, इंदौर आई हास्पिटल में 25, एमवाय अस्पताल में 10, जिला अस्पताल में 10, राजस अस्पताल में 10, रोहित आई हास्पिटल में 10, निहार नेत्रालय में 10 ऑपरेशन प्रतिदिन किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि महू तहसील में 25, देपालपुर तहसील में 20, हातोद तहसील में 20, इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में 18 और शहरी क्षेत्र में 32, सांवेर तहसील में 30 अंधत्व निवारण शिविर लगाये जाएंगे। इस अभियान के तहत सर्वाधिक ऑपरेशन चोइथराम नेत्रालय धार रोड इंदौर में किये जाएंगे। जिला अंधत्व निवारण समिति द्वारा भोजन, यातायात, जाँच, ऑपरेशन, दवा, चश्मा आदि की सुविधाएँ मुफ्त में प्रदान की जायेगी। मरीजों को ऑपरेशन के बाद उनके घर तक वापस पहुंचाया जायेगा। 
सिंह/अभिषेक





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