विद्यादान कार्यकर्ता अपनी उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार भी करें-कमिश्नर श्री दुबे
इंदौर, 28 जनवरी,2017
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आज विद्यादान योजना के कार्यकर्ताओं से रूबरू चर्चा की तथा उनके अनुभवों, उपलब्धियों और समस्याओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंदौर संभाग की विद्यादान योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। इस योजना को केन्द्र सरकार ने विद्यांजलि योजना के नाम से शुरू कर दिया है। राज्य शासन ने भी इंदौर संभाग की विद्यादान योजना की सराहना की है। गत 26 जनवरी के ""मुख्यमंत्री के संदेश'' में भी इस योजना का जिक्र किया गया है। राज्य सरकार भी इस योजना को अगले शिक्षा सत्र से पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि विद्यादान कार्यकर्ता संसाधनों पर ध्यान न दें बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में अपना अमूल्य योगदान दें। विद्यादान के इस महायज्ञ में सबकी आहूति जरूरी है। विद्यादान अभियान इन्दौर जिले में सफल रहा है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। इस अभियान के तहत जिले में 350 कार्यकर्ता काम कर रहे हैं और सप्ताह में कम से कम दो घंटे शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं।
कमिश्नर श्री दुबे ने इस अवसर पर कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार विद्यादान के फेसबुक पेज पर करें, जिससे दूसरे कार्यकर्ताओं को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिले। इसके अलावा समाज के अन्य व्यक्तियों को भी इस अभियान की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि विद्यादान कार्यकर्ता विद्यार्थियों के माता-पिता को भी बुलाकर उनसे चर्चा कर सकते हैं। यह अभियान स्वान्त: सुखाय चलाया जा रहा है। इस अभियान से शासकीय स्कूलों के यदि गिने-चुने विद्यार्थी भी प्रदेश या देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हैं तो हम लोगों की मेहनत सार्थक होगी।
इस अवसर पर विद्यादान कार्यकर्ताओं ने कहा कि हर माह की अमावस्या के दिन पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग होना चाहिये। अधिकांश विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड खराब है जिसे सुधारे जाने की जरूरत है। उन विद्यालयों में टाटपट्टी भी उपलब्ध करायी जाये, जहाँ पर टाटपट्टी फट गयी है। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के विद्यार्थियों को पाठ¬ पुस्तक के साथ व्याकरण भी पढ़ाया जाना अनिवार्य किया जाये। कोई भी शिक्षक एक समय में एक ही स्कूल में एक ही विषय पढ़ाये तो उसका प्रभाव अधिक होगा। कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि विद्यालय में साफ-सफाई, अनुशासन और विद्यार्थियों और नियमित शिक्षकों में नियमितता जरूरी है। सभी कार्यकर्ता इस बात पर एकमत थे कि स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शासकीय स्तर पर विद्यार्थियों को हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, व्याकरण की पुस्तकें वितरित की जाये। बैठक में संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा श्री ओ.एल. मण्डलोई और बड़ी संख्या में विद्यादान कार्यकर्ता मौजूद थे।
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