आईडीए चेयरमेन और कलेक्टर ने दिव्यांगजनों को ट्रायसिकल वितरित की
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दिव्यांगजनों की क्षमतायें अदभुत-ईश्वर ने विशेष गुणों से सम्पन्न किया
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दिव्यांगजन ई-ट्रायसिकल के माध्यम से स्वावलम्बी बनें -- कलेक्टर
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अगले माह दृष्टिहीनों के लिये रोजगार मेला लगेगा
इंदौर 15 फरवरी, 2017
दिव्यांगजनों की क्षमतायें अदभुत हैं। यदि प्राकृतिक या बीमारी के कारण किसी प्रकार की विकलांगता शरीर में आती है तो ईश्वर और विशेष क्षमता प्रदान कर देते हैं। इन विशिष्ट क्षमताओं के बल पर वे समाज में अपनी विशेष पहचान बनाते हैं। शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें इस कार्य में थोड़ी मदद अवश्य मिलती है, किंतु दिव्यांगजनों की इच्छाशक्ति ही उन्हें समाज में सही स्थान दिलाती है। आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन दिव्यांगजनों के लिये अनेक योजनायें चला रहा है, जिनका लाभ समाज के सभी वर्ग, जाति के दिव्यांजनों को दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि इंदौर में दिव्यांजनों को रोजगार दिलाने के लिये प्रशासन के द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इंदौर दिव्यांगजनों के लिये स्वरोजगार मेला लगाया जिसमें 750 से अधिक दिव्यांजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और अगले माह दृष्टिहीनों के लिये रोजगार मेला लगाया जायेगा, उनके लिये उपलब्ध रोजगार को चिन्हित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि दिव्यांजन स्वावलंबी बनें। ई-ट्रायसिकल बैटरी से संचालित होती है और एक बार चार्ज करने पर 40 किलोमीटर तक चलती है। इसके माध्यम से स्वरोजगार शुरू करें और स्वावलम्बी बने, आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपना योगदान दें। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांजनों को डिजिटल ईयरफोन, ब्रााइवेट करने वाली स्टिक और डिजी रिकार्डर बांटे गये। इण्डियन रेलवे फाइनेन्स कार्पोरेशन लिमिटेड नईदिल्ली (रेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक सरकारी उपक्रम) के द्वारा सामाजिक दायित्व के (सीएसआर) अंतर्गत 36 लाख रूपये कीमत के उपकरण बांटे गये। इन उपकरणों का निर्माण भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) कानपुर ने किया है।
सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग के सहयोग से 80 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग व्यक्तियों को चिन्हित कर यह उपकरण वितरित किये गये।
राठौर/कपूर
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दिव्यांगजनों की क्षमतायें अदभुत-ईश्वर ने विशेष गुणों से सम्पन्न किया
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दिव्यांगजन ई-ट्रायसिकल के माध्यम से स्वावलम्बी बनें -- कलेक्टर
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अगले माह दृष्टिहीनों के लिये रोजगार मेला लगेगा
इंदौर 15 फरवरी, 2017
दिव्यांगजनों की क्षमतायें अदभुत हैं। यदि प्राकृतिक या बीमारी के कारण किसी प्रकार की विकलांगता शरीर में आती है तो ईश्वर और विशेष क्षमता प्रदान कर देते हैं। इन विशिष्ट क्षमताओं के बल पर वे समाज में अपनी विशेष पहचान बनाते हैं। शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें इस कार्य में थोड़ी मदद अवश्य मिलती है, किंतु दिव्यांगजनों की इच्छाशक्ति ही उन्हें समाज में सही स्थान दिलाती है। आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन दिव्यांगजनों के लिये अनेक योजनायें चला रहा है, जिनका लाभ समाज के सभी वर्ग, जाति के दिव्यांजनों को दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि इंदौर में दिव्यांजनों को रोजगार दिलाने के लिये प्रशासन के द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इंदौर दिव्यांगजनों के लिये स्वरोजगार मेला लगाया जिसमें 750 से अधिक दिव्यांजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और अगले माह दृष्टिहीनों के लिये रोजगार मेला लगाया जायेगा, उनके लिये उपलब्ध रोजगार को चिन्हित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि दिव्यांजन स्वावलंबी बनें। ई-ट्रायसिकल बैटरी से संचालित होती है और एक बार चार्ज करने पर 40 किलोमीटर तक चलती है। इसके माध्यम से स्वरोजगार शुरू करें और स्वावलम्बी बने, आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपना योगदान दें। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांजनों को डिजिटल ईयरफोन, ब्रााइवेट करने वाली स्टिक और डिजी रिकार्डर बांटे गये। इण्डियन रेलवे फाइनेन्स कार्पोरेशन लिमिटेड नईदिल्ली (रेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक सरकारी उपक्रम) के द्वारा सामाजिक दायित्व के (सीएसआर) अंतर्गत 36 लाख रूपये कीमत के उपकरण बांटे गये। इन उपकरणों का निर्माण भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) कानपुर ने किया है।
सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग के सहयोग से 80 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग व्यक्तियों को चिन्हित कर यह उपकरण वितरित किये गये।
राठौर/कपूर
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