Wednesday, 15 February 2017


प्रसिद्ध भजन गायक श्री अनूप जलोटा की पत्रकारवार्ता के  बिन्दू
इंदौर 15 फरवरी,2017
    भारत में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है देश की कुछ नदियां को अत्याधिक पवित्र देवी तुल्य माना जाता है। ऐसी ही एक नदी माँ नर्मदा है जो मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है मध्यप्रेदश के 16 जिलों से यह नदी निकलती है और सीधे तौर प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक आबादी इसके आस-पास निवास करती है। नर्मदा जल पीती है एवं जल एवं कृषि कार्य में उपयोग करती है।
    माँ नर्मदा मध्यप्रदेश की जनता को केवल पानी ही नहीं देती वरन पर्यावरण संरक्षण जीव जन्तु के पालन पोषण और विद्युत उत्पादन में महत्वपुर्ण योगदान है। नर्मदा जल के उपयोग से मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन में की अभूतपूर्ण योगदान दिया है। लगातार 4 वर्षों से मध्यप्रदेश की कृषि कर्मण आवार्ड मिलना माँ नर्मदा के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा को श्रृंगारित करने के लिये जो बीड़ा उठाया है। वो पूरे भारत वर्ष के लिये मार्गदर्शन के रुप में स्थापित हो रहा है। देश के प्रत्येक प्रदेश में नंदियों को सरंक्षित और संवर्धित करने के लिये ऐसी आन्दोलन कारी यात्रायें की जानी चाहिये। जिससे आम जनमानस के साथ बच्चे और युवा नदियों के महत्व को समझे। भारत वर्ष तो देव भूमि है। यहां देवता भी जन्म लेने के लिये लालायित रहते हंै। नदियों को माँ के समान माना जाता है। किन्तु फिर भी हमारे देश की नदियों की हालत चिन्ताजन है। उनको बनाये रखने के लिये मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किये जा रहे प्रयासों को पूरे देश में क्रियान्वित किया जाना चाहिये। लंदन की टेम्स नदी कितनी साफ और सुन्दर बन गई है। जबकि वहाँ नदियों को माँ का दर्जा नहीं मिलता है। हम सबके लिये यह एक प्रश्न है कि भौतिकवादिता के बाद भी टेम्स नदी (लंदन) स्वच्छ है और हमने अपनी धार्मिक मान्यताओं पौराणिक कथाओं के बाद भी नदियों की संरक्षित नहीं कर पाये है।
    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की अच्छी सोच के कारण मध्यप्रदेश में नमामि देवी नर्मदे एक जन आन्दोलन बन गया है। पूरे मध्यप्रदेश में नमामि देवी नर्मदे गूँज रहा है। माँ नर्मदा का पौराणिक महत्व है। गंगा में स्नान करने से पाप मुक्ति होती है पर मां नर्मदा के दर्शन और स्मरण मात्र से ही कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। माँ नर्मदा के जल में औषधीय गुण विद्यमान है। नर्मदा जल पीने से ही कई बीमारी दूर हो जाती है। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एक किसान पुत्र है और प्राकृति व खेती से उनका लगाव जग जाहिर है। उनकी सोच से आज पूरें भारत के पर्यावरण प्रेमी और विशिष्ट व्यक्तियों  नमामि देवी नर्मदे यात्रा जुडते जा रहे है।
    सुप्रशिद्ध गायक श्री अनूप जलोटा ने कहा कि गंगा स्वच्छ मुहिम से भी वे जुड़े हुये है। श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे देश में नदी संरक्षण अभियान बहुत तीव्र गति से आगे बढ़ा है।
    नमामि देवी नर्मदे यात्रा में शामिल होने आया हूं  माँ नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना के बनने से इस बार सिंहस्थ निर्विवाद सम्पन्न हुआ और कही भी पानी की कमी नहीं आई है। मुख्यमंत्री की भागीदारी प्रयास और भविष्य की सोच से निश्चय ही मां नर्मदा श्रृंगारित होगी और प्रदेश को सम्पन्न बनायेंगी।
    भजन गायक श्री अनूप जलोटा ने कहा कि वे स्वंय भी पर्यावरण प्रेमी है और नदी पहाड़ी से उनका विशेष लगाव है। देश की पवित्र नदियों को भारत की शान माना जाता हे। मां नर्मदा देश की 5वीं सबसे बड़ी नदी है। और उनका अविरल बहना प्रदेश के लिये सबसे ज्यादा जरूरी है।
    श्री जलोटा संगीत क्षेत्र में वे गजल गायक के रूप में आये, किन्तु भजन और ईश्वर प्रेम से उनका लगाव भजनों की ओर हुआ। भजन और ईश्वर प्रेम और आज भजन ही मेरी पहचान बन गयी है। संगीत व्यक्ति की उम्र को रोक लेता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे आज भी युवा सोच रखते है और संगीत  साधना के करण उन्हे पता भी नहीं चलता कि उम्र बढ़ गई है। संगीत व्यक्ति को युवा दिखाता ही नहीं। वरन् युवा बनाता भी है। यही भारतीय संगीत का सौन्दर्य भी है।
राठौर/कपूर






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