15 मार्च से 14 मई तक 1625 रूपये प्रति Ïक्वटल की
दर से होगी औसत अच्छी किस्म के गेहूं की खरीदी
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राज्य शासन द्वारा गेहूं खरीदी की चाकचौबंद व्यवस्था करने के सख्त निर्देश
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रबी गेहूं उपार्जन संबंधी बैठक सम्पन्न
इंदौर 8 मार्च, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रबी गेहूं उपार्जन के संबंध में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने खाद्य, सहकारिता, नापतौल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गेहूं खरीदी की चाकचौबंद व्यवस्था होना चाहिये, किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस बार गेहूं की खरीदी 1625 रूपये प्रति Ïक्वटल की दर से किये जाने के निर्देश है। इंदौर संभाग में एक लाख 13 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष संभाग में अधिक खरीदी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी संबंधी जानकारी एसएमएस से दी जायेगी तथा बारी-बारी से खरीदी की जायेगी। इसके अलावा किसानों को सात दिन के भीतर ऑनलाइन भुगतान किया जायेगा।
इस अवसर पर आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल श्री फैज अहमद किदवई ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार इंदौर संभाग में 15 मार्च से गेहूं की खरीदी शुरू की जायेगी। गेहूं औसत अच्छी किस्म का होना चाहिये। खराब किस्म का गेहूं नहीं खरीदा जायेगा। राज्य शासन द्वारा किसानों को ऑनलाइन भुगतान करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रशासन द्वारा खरीदी केन्द्रों पर ही गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इंदौर संभाग में 334 खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। जहां पर छाया, पेयजल, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, परखी, बारदान और आद्रता मशीन लगायी गयी है। इंदौर जिले में 48 खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। सभी केन्द्रों पर तौल कांटों का सत्यापन कर लिया गया है। इंदौर संभाग में इंदौर, धार, खण्डवा और खरगोन में ज्यादा गेंहू खरीदे जाने की संभावना है। यहां का गेहूं बुरहानपुर, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर के शासकीय भण्डारगृहों में भेजा जायेगा। खरीदी केन्द्रों पर डाटा इन्ट्री ऑपरेटर एवं अन्य कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गयी है। खरीदी केन्द्रों पर बारदाना आदि भेज दिये गये हैं। गेहूं का सायलों में भी भण्डारण किया जायेगा। गेहूं के परिवहन और भण्डारण की समुचित व्यवस्था की गयी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीदी केन्द्रों पर छाया और पेयजल का मुकम्मल इंतजाम होना चाहिये। किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आना चाहिये। इस खरीदी अभियान में खाद्य, सहकारिता, नापतौल, भण्डारगृह निगम के अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र की मैपिंग की जाना अनिवार्य है, जिसके आधार पर ऑनलाइन चालान जमा होगें। उपार्जन केन्द्र पर ई-उपार्जन साफ्टवेयर में प्रतिदिन पैक बोरों की ऑनलाइन प्रविष्टि खरीदी केन्द्र समिति द्वारा की जायेगी। क्रय, परिवहन और भण्डारण की सारी व्यवस्था ऑनलाइन की गयी है,जिससे भण्डारण में विलंब न हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं उपार्जन से संबंधित दस्तावेज निश्चित स्थान पर रखा जाये,जिससे अंकेक्षण में कोई दिक्कत न आये। अंकेक्षण के दौरान परिवहन देयक, मण्डी श्रमिक देयक,समितियों के कमीशन के देयक सुरक्षित रखे जायें।
मध्यप्रदेश विपणन संघ के विपणन संचालक श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि प्रदेश के पंजीकृत किसानों के सम्पूर्ण गेहूं की खरीदी समय-सीमा में की जाये तथा खरीदी करते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। इसके अलावा खरीदी केन्द्रों पर ऐसी व्यवस्था की जाये कि शांति एवं सुव्यवस्था बनी रहे। किसानों को एसएमएस के जरिये सूचना देकर बारी-बारी से खरीदी के लिये बुलाया जाये तथा उन्हें 7 दिन के भीतर भुगतान कर भुगतान की सूचना भी एसएमएस से दी जाये। लगभग दो महीने चलने वाले इस खरीदी अभियान की निगरानी राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जायेगी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री पी.नरहरि, क्षेत्रीय प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री आलोक सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, जिला खाद्य नियंत्रक श्री पी.सी.मीणा तथा इंदौर संभाग के खाद्य, सहकारिता, विपणन संघ, भण्डार गृह निगम के अधिकारी मौजूद थे।
सिंह/कपूर
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