ई-सिगरेट प्रतिबंधित
इंदौर 28 मार्च, 2017
इंदौर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा जन स्वास्थ्य के मद्देनजर ई-सिगरेट के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघ करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी.नरहरि ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत दण्डात्मक आदेश जारी किये हैं। जारी आदेशानुसार पूरे इंदौर जिले में ई-सिगरेट का विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति प्राप्त अनुज्ञप्तिधारी इसका अपवाद होंगे। यह आदेश 20 मई, 2017 तक प्रभावशील रहेगा।
आदेश में कहा गया है कि जानकारी प्राप्त हुई है कि इंदौर में ई-सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट/पसर्नल वेपोराईजर/इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलेवरी सिस्टम-जिसमें तम्बाकू के पौधों से निकोटिन का प्रयोग लिक्विड सोल्यूशन के रूप में किया जाता है) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। नव युवक/युवतियों के साथ अवयस्क बच्चे भी इसकी लत के शिकार हो रहे हैं। ई-सिगरेट में खुशबुदार द्रव्य के साथ ही कई बार निकोटिन का इस्तेमाल किया जाता है, जो सामान्य सिगरेट से कई गुना अधिक घातक है। ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिये अत्यंत हानिकारक है। युवक-युवतियां एवं किशोर इस अस्वास्थ्यकर वातावरण से अनजाने में ही दूषित पर्यावरण के कारण घातक बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इसके नशे के कारण कई बार कानून व व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो रही है। इन समस्त कारणों से मानव जीवन व लोक सम्पत्ति की क्षति संभावित है। इस तरह संचालित किए जा रहे ई-सिगरेट विक्रय केन्द्रों से जनसामान्य के स्वास्थ्य व जानमाल को खतरा आसन्न हो गया है तथा भविष्य में इन कारणों से लोकशांति भंग होने की प्रबल आशंकाएं व्याप्त हो रही हैं। इसके मद्देनजर उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
संबंधित एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, नगर निगम एवं पुलिस अधिकारीगण इस आदेश का पालन सुनिश्चित करायेंगे। यदि कोई व्यक्ति उपर्युक्त आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
महिपाल/कपूर
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