Wednesday, 15 March 2017


विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न
------
न्यायाधीश श्री अवनीश वर्मा के मुख्य आतिथ्य में कलेक्ट्रेट में हुआ कार्यक्रम
------
उपभोक्ता के हितों का संरक्षण पहली प्राथमिकता -- न्यायाधीश श्री अमनीश कुमार वर्मा
इंदौर 15 मार्च, 2017
आधुनिकता के समय हर व्यक्ति आज उपभोक्ता की श्रेणी में खड़ा है। बाजार आधारित व्यवस्था के बाद कोई भी व्यक्ति जो सेवा या वस्तु क्रय करता है वह उपभोक्ता है और उस उपभोक्ता के हितों का संरक्षण हर किमत पर किया जाना चाहिये। इसके लिये केन्द्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों ने उपभोक्ता फोरम का गठन कर उपभोक्ताओं को होने वाली समस्याओं को निराकृत करने का बेहतर प्रयास किया गया है। बाजार आधारित व्यवस्था होने पर कम्पनियों बीच प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों से भी खिलवाड़ होता रहा है और आज ऑन लाइन मार्केट होने पर उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है।  यह बात मुख्य अतिथि जिला उपभोक्ता फोरम क्रमांक-दो के अध्यक्ष न्यायाधीश श्री अमनीश कुमार वर्मा ने कही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्र्यापण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
न्यायाधीश श्री अमनीश कुमार वर्मा ने कहा कि विश्व आज बाजार के रूप में उपलब्ध है। घर बैठकर ही नेट (ऑनलाइन) के माध्यम आप किसी भी वस्तु को मंगा सकते हैं। साथ ही उसका ऑनलाइन भुगतान भी किया जाता है। आर्डर की गयी वस्तु यदि गलत निकलती है तो इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में की जा सकती है। बाजार से समान लेने पर यदि समान उस मानक का नहीं है, जिसका बताया गया था तो उसके संबंध में भी उपभोक्ता फोरम में अपील की जा सकती है। सेवायें देने वाली कम्पनियां भी उपभोक्ता फोरम के दायरे में आती हैं। श्री वर्मा ने कहा कि उपभोक्ता को क्रय करते समय बिल अवश्य लेना चाहिये, जिससे दुकानदार व कोई कंपनी आपसे धोखा न कर पाये। बिल होने पर उपभोक्ता समान खराब निकलने परउसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में कर सकता है।
कार्यक्रम अपर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने कहा कि आज की व्यवस्था में उपभोक्ताओं को जागरूक होना अतिआवश्यक है। जागरूक होने पर ही आप अपने हितों को संरक्षित रख सकते हैं। किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में पूरी जानकारी होना अति आवश्यक है। इसी के साथ-साथ कम्पनी के द्वारा लिखे गये नियम व शर्तें को भी ध्यान से पढ़ा जाना चाहिये। इसके साथ-साथ वस्तु को लेते समय उसे गारंटी कार्ड व अन्य जानकारियां भी दुकानदार से प्राप्त करना चाहिये। जिससे यदि कोई दुकानदार या कम्पनी उक्त बातों का उल्लंघन करती है तो उसके विरूद्ध उपभोक्ता फोरम में अपील की जा सकती है।
कार्यक्रम में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी श्री मीणा ने कहा कि इंदौर जिले में उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिये जिला प्रशासन के नेतृत्व में निरंतर उचित मूल्य की दुकानों, पेट्रोल पंप, गैस कम्पनियों के साथ-साथ दुकानों पर छापामार कार्यवाही की जाती है। विगत वित्तीय वर्ष में 498 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर छापामार कार्यवाही कर डेढ़ लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया एवं 9 दुकानदारों के विरूद्ध प्रकरण भी दर्ज कराये गये।
 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न पेट्रोल पम्पों, गैस एजेंसियों और दुकानों के विरूद्ध 300 प्रकरण बनाये गये और 32 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना कलेक्टर महोदय के कोर्ट के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गैस कम्पनियों व पेट्रोल पम्प कम्पनी, नापतौल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक आपूर्ति विभाग आदि विभागों के द्वारा स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को उनके हितों के संबंध में जानकारी उपलब्ध करायी गयी।
राठौर/कपूर

No comments:

Post a Comment