सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को
सभी मूलभूत सुविधायें मुहैया करायी जायेगी
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संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने विस्थापन एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की
इंदौर 19 मई, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में सरदार सरोवर बांध से प्रभावित विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में एडीजीपी श्री अजय शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने कहा कि विस्थापितों को सभी मूलभूत सुविधायें मुहैया करायी जायेंगी। पेयजल, सड़क, टीनशेड, स्कूल, आंगनवाड़ी केन्द्र, उचित मूल्य की दुकान आदि की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने बड़वानी, खरगोन, अलीराजपुर और धार के कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि अगले दो महीने में विस्थापन संबंधी समस्त कार्य पूर्ण हो जाने चाहिये। विस्थापन संबंधी समस्त तैयारियां कल से ही शुरू कर दी जायें।
उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य शासन के आदेशों का पालन कराने के लिये प्रशासन कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विस्थापन में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों को दिन-रात मेहनत करके विस्थापितों को मूलभूत सुविधायें मुहैया कराना है। पुनर्वास से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष परिस्थिति को छोड़कर अवकाश नहीं दिया जायेगा। पुनर्वास स्थल पर पशुओं और पशुचारे के लिये टीनशेड और अस्थाई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की भी व्यवस्था रहेगी। कुल 176 गांव डूब प्रभावित क्षेत्र में आ रहे हैं। डूब प्रभावित क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की भी कटाई की जायेगी। पूरे संभाग में आगामी दो जुलाई को व्यापक पैमाने पर नहर के किनारे और सड़क के किनारे वृक्षारोपण किया जायेगा। विस्थापित ग्रामों में होने वाले निर्माण कार्यों का मूल्यांकन पुनर्वास अधिकारी, एनव्हीडीए और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के तीन सदस्यीय दल द्वारा किया जायेगा। विस्थापन कार्य 30 जुलाई, 2017 तक पूरा किया जाना है। विस्थापन के दौरान पूरे समय मई, जून और जुलाई में पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य एनव्हीडीए, पीडब्ल्युडी और ग्राम पंचायत द्वारा किया जायेगा।विस्थापित ग्रामों में डब्ल्युबीएम रोड, डामर रोड, भवनों की मरम्मत, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और शौचालय बनाये जायेंगे। सारे काम युद्ध स्तर पर किये जायेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा वाटर सप्लाई और शौचालय बनाने के कार्य किये जायेंगे। शौचालयों में वाटर सप्लाये, वाटर क्लिीनिंग, हैडटैंक आदि की व्यवस्था रहेगी। सारे कार्यों के लिये नर्मदा घाटी विकास, प्राधिकरण द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध करा दिया गया है। बड़े विस्थापित ग्रामों में ट¬ुबवेल और वाटर टैंक के जरिये निस्तार के लिये पानी उपलब्ध कराया जायेगा। विस्थापन की पूरी जिम्मेदारी राज्य शासन द्वारा कलेक्टरों पर तय की गयी है। विस्थापित ग्रामों में अस्थाई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जायेंगे, जहाँ पर सभी प्रकार की जरूरी दवायें उपलब्ध रहेगी। पुलिस और स्टाफ के लिये अस्थाई शेड बनाये जायेंगे। सरदार सरोवर बांध का वाटरलेवल बढने की सायरन बजाकर ग्रामीणों को सूचना दी जायेगी। विस्थापन स्थल पर जनरेटर, टार्च, पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की भी व्यवस्था की गयी है। डूब क्षेत्र में आने वाले मंदिरों का भी विस्थापित किया जायेगा। पुनर्वास क्षेत्र में पशु चिकित्सालय की भी व्यवस्था रहेगी।
बैठक में आयुक्त एनव्हीडीए श्रीमती रेणु पंत, धार, अलीराजपुर, बड़वानी और खरगोन के कलेक्टर, उपायुक्त श्रीमती सपना शिवाले के अलावा वन, पुलिस, कृषि, आरईएस, लोक निर्माण विभाग, पशु पालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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