श्री वर्मा मनरेगा लोकपाल नियुक्त
इंदौर 13 जून, 2017
राज्य शासन द्वारा श्री आर.पी.वर्मा को मनरेगा लोकपाल और संभागीय सतर्कता समिति (लोकायुक्त) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्री वर्मा ने गत दिवस कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके अधीन इंदौर, धार और खरगोन जिले आयेंगे। इनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। श्री वर्मा के कार्यालय का पता ब्लाक ए-7, नवलखा काम्पलेक्स, अग्रसेन चौराहा इंदौर है। श्री वर्मा के कार्यालय का दूरभाष क्रमांक 0731- 2762370 है।
सिंह/कपूर
राज्य शासन द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में
निवासरत पात्र विस्थापितों एवं अन्य परिवारों को विशेष रियायतों की घोषणा
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डूब क्षेत्र के विस्थापितों को 15 लाख रुपये तक क्षतिपूर्ति देने का प्रस्ताव
इंदौर 13 जून, 2017
राज्य शासन के नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के तहत इंदौर संभाग के अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के डूब के क्षेत्र में आने वाले नागरिकों के लिये क्षतिपूर्ति, आवास आदि की विशेष रियायत देने की घोषणा की गयी है, जिससे विस्थापित होने के बाद उन्हें कोई तकलीफ न हो। राज्य शासन द्वारा विशेष रियायतें देने के आदेश जारी किये जा चुके हैं। डूब प्रभावितों को 15 जुलाई तक डूब क्षेत्र खाली करने का आग्रह किया गया है। क्षतिपूर्ति लेते समय उन्हें 21 जून,2017 तक वचन-पत्र भरकर देना होगा।
मध्यप्रदेश के वह विस्थापित, जिन्होंने भूमि के बदले विशेष पुनर्वास पैकेज अंतर्गत पूर्व में रुपये 5 लाख 58 हजार रुपये का पैकेज लिया था उन्हें रुपये 15 लाख की अतिरिक्त पैकेज राशि स्वीकृत की गयी है। इस अतिरिक्त राशि रुपये 15 लाख में से पूर्व में विस्थापितों को भुगतान की गयी विशेष पुनर्वास अनुदान की राशि का समायोजन किया जाकर शेष राशि का भुगतान की गयी विशेष पुनर्वास अनुदान की राशि का समायोजन किया जाकर शेष राशि का भुगतान शिकायत निवारण प्राधिकरण सरदार सरोवर परियोजना द्वारा किया जाएगा। इस पैकेज का लाभ उन विस्थापितों को प्राप्त होगा, जो 21 जून, 2017 के पूर्व यह वचन-पत्र देंगे कि वे 15 जुलाई 2017 तक डूब क्षेत्र रिक्त कर देंगे और जो 15 जुलाई, 2017 के पूर्व डूब क्षेत्र से अपना कब्जा हटा कर वास्तविक रूप से शिफ्ट हो जायेंगे।
डूब क्षेत्र में निवासरत पात्र परिवार एवं वह अन्य परिवार, जिनके पास डूब क्षेत्र के बाहर पक्का मकान नहीं है और वे वास्तविक रूप से विस्थापित हो रहे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पात्रता अनुसार मकान बनाने की योजना में शामिल किया जाकर मकान बनाने हेतु योजना अंतर्गत राशि उपलब्ध करायी जायेगी। जो परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र नहीं होंगे, उन्हें सरदार सरोवर परियोजना के मद से राशि उपलब्ध करायी जायेगी, लेकिन सम्पूर्ण योजना का संचालन ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जायेगा।
भवन बनाने के लिये प्लाट और मकान किराये का प्रावधान
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान बनाने के लिय जिन परिवारों के पास पहले से प्लाट नहीं हैं उन्हें पुनर्वास स्थल अथवा समीप के गांव की आबादी में 180 वर्गमीटर का भूखण्ड दिया जायेगा। यह कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी। सरदार सरोवर परियोजना के जिन विस्थापित परिवारों ने पूर्व में प्लाट के बदले 50 हजार रुपये लिये थे, उन्हें उपलब्धता अनुसार पुनर्वास स्थल अथवा समीप के गांव की आबादी में 180 वर्गमीटर का भूखण्ड दिया जायेगा। यह कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जायेगी। पुनर्वास स्थल पर यदि प्लाट समतल करना आवश्यक होगा तो नर्मदा घाटी विकास विभाग समतलीकरण करके देगा अथवा इस कार्य के लिये विस्थापितों को 20 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। राशि प्रदान करने की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी।
डूब क्षेत्र में निवासरत पात्र विस्थापित परिवार एवं वह अन्य परिवार जिनके पास डूब क्षेत्र के बाहर पक्का मकान नहीं है और वे वास्तविक रूप से विस्थापित हो रहे हैं उनके लिये निम्न विकल्प रहेंगे:- जो परिवार स्वयं की व्यवस्था से जाना चाहते हैं उन्हें अस्थाई आवास/किराये के लिये 60 हजार रुपये एवं खाद्यान्न के लिये 20 हजार रुपये, इस प्रकार एकमुश्त 80 हजार रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे। जो परिवार पुनर्वास स्थल पर आवंटित प्लाट पर अपना स्वयं का अस्थाई आवास बनाना चाहते हैं उन्हें रुपये 60 हजार रुपये दिये जायेंगे तथा खाद्यान्न के लिये 20 हजार रुपये दिये जायेंगे। जो परिवार उपरोक्त लाभ नहीं लेना चाहते हैं उन्हें वर्षाकाल के तीन माह के लिये पुनर्वास स्थल पर अस्थाई कैम्प में रहने के लिये जगह दी जाएगी एवं भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। उक्तरोक्त कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जायेगी।
डूब प्रभावितों को र्इंट बनाने का मिलेगा प्रशिक्षण
डूब क्षेत्र में निवासरत पात्र विस्थापित परिवार एवं वह अन्य परिवार जिनके पास डूब क्षेत्र के बाहर पक्का मकान नहीं है और वे वास्तविक रूप से विस्थापित हो रहे हैं, को मुफ्त परिवहन या 5 हजार रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे। विस्थापित कुम्हारों के लिये स्थान नियत कर उन्हें र्इंट बनाने केलिये जगह दी जाएगी। उन्हें फ्लाई ऐश र्इंट व्यवसाय हेतु भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, उनकी बनाई र्इंट प्रधानमंत्री आवास योजना में ली जाएंगी। कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी।
विस्थापित नाविकों को डूब के पश्चात बनने वाले नये घाटों पर प्राथमिकता दी जायेगी। विस्थापन के दौरान कंटिनजेंसी प्लान में भी उनकी सेवायें प्राथमिकता पर ली जाकर रोजगार दिया जायेगा। कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी। इस पैकेज का लाभ उन विस्थापितों को प्राप्त होगा जो 21 जून, 2017 के पूर्व यह वचन-पत्र देंगे कि वे 15 जुलाई, 2017 तक डूब क्षेत्र रिक्त कर देंगे और जो 15 जुलाई, 2017 के पूर्व डूब क्षेत्र से अपना कब्जा हटा कर वास्तविक रूप से शिफ्ट हो जायेंगे। यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी कि लाभ प्राप्त करने वाले परिवार वचन-पत्र अनुसार डूब क्षेत्र खाली करें।
/सिंह/कपूर
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