कोचिंग संस्थाओं के पंजीयन, फीस निर्धारण आधारभूत संरचनाओं के संबंध में
मापदण्ड तय करने के लिये राज्य शासन द्वारा बनाये जायेंगे नियम
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होस्टलों में भी सुविधाओं के मापदण्ड तय होंगे
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शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह ने कोचिंग संस्थाओं के संचालकों की बैठक ली
इंदौर 19 जून, 2017
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में कोचिंग संस्थाओं के पंजीयन, फीस निर्धारण, आधारभूत संरचनाओं सहित अन्य सुविधाओं एवं गुणवत्ता के लिये राज्य शासन द्वारा मापदण्ड तय करने के लिये नियम बनाये जायेंगे। इन नियमों का पालन भी सुनिश्चित कराया जायेगा। प्रयास यह किये जायेंगे कि यह नियम आगामी जनवरी माह से लागू हो जायें। इसी तरह होस्टलों में विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिये भी मापदण्ड तय कर नियम बनाये जायेंगे। इस तरह के नियम बनाकर मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य होगा।
यह जानकारी आज यहां स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई बैठक में दी। इस बैठक में कलेक्टर श्री शमीमुद्दीन तथा स्कूल शिक्षा विभाग की अपर संचालक श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री जी.एस.बामनिया, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.शशिकांत गुबरेले सहित विभिन्न शिक्षा अधिकारी और कोचिंग संस्थाओं के संचालकगण मौजूद थे। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह ने कहा कि विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं में भी सुविधायें एवं गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचनायें उपलब्ध कराना राज्य शासन का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों एवं पालकों को कोचिंग संस्थाओं के संबंध में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मंत्री श्री शाह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देशों का जिक्र करते हुये कहा कि मध्यप्रदेश में कोचिंग संस्थाओं को रेग्युलेट करने के संबंध में नियम बनाये जायेंगे। इन नियमों में कोचिंग संस्थाओं की फीस, वहाँ उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं, स्तरीय शिक्षक आदि की व्यवस्था को रेग्युलेट करने के संबंध में प्रावधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इसी तरह के नियम होस्टलों के लिये भी बनाये जायेंगे। श्री शाह ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के परिसर में ट¬ुशन एवं कोचिंग क्लॉस के संचालन की अनुमति नहीं रहेगी। अगर किसी शैक्षणिक संस्थान में कोचिंग क्लास और ट¬ुशन संचालित पायी जाती है तो उसकी मान्यता समाप्त कर दी जायेगी। उन्होंने कोचिंग क्लास संस्थाओं के संचालकों और होस्टल संचालकों से आग्रह किया कि वे तत्संबंधी मापदण्ड तय करने एवं नियम बनाने के लिये अपने सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि मापदण्ड तय करने एवं नियम बनाने के लिये शिक्षाविदों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, पालकों, विद्यार्थियों, मीडियाकर्मियों आदि से भी सुझाव लिये जायेंगे। इसके लिये संभाग स्तर पर भी बैठक आयोजित की जायेंगी।
महिपाल/कपूर
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