इंदौर में अगले जुलाई और अगस्त माह में लगेगा शिक्षा ऋण मेला
------
बेरोजगारों को स्वरोजगार देने के लिये हर माह लगेंगे मेले
------
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने वार्षिक कैलेण्डर बनाने के दिये निर्देश
------
जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
इंदौर 2 जून, 2017,
इंदौर जिले में प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये ऋण देने हेतु अगले जुलाई और अगस्त माह में इंदौर में शिक्षा ऋण मेला लगाया जायेगा। इसके साथ ही निर्णय लिया गया है कि अब इंदौर में बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिये ऋण देने हेतु हर माह मेले लगाये जायेंगे। अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं और दिव्यांगों के लिये विशेष रूप से मेले आयोजित किये जायेंगे। कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने यह जानकारी आज यहां कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक में दी।
बैठक में रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री एस.आर.देसाई, अपर कलेक्टर श्री शमीमुद्दीन, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री एस.के.घोरपड़े, लीड बैंक मैनेजर श्री मुकेश भट्ट सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी और बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में वार्षिक साख योजना तथा विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित रोजगारमूलक योजनाओं की प्रगति की बैंकवार समीक्षा की गयी। बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित रोजगारमूलक योजनाओं के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गयी है। आलोच्य अवधि में रोजगारमूलक योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में शत-प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त किये गये हैं। इस उपलब्धि के लिये कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने संबंधित विभागों तथा बैंक अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि जिस तरह गत वित्तीय वर्ष में लक्ष्य प्राप्त किये गये थे, इसी तरह जारी वित्तीय वर्ष में भी निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति की जाये। बैठक में रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि भारत शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि वित्तीय वर्ष एक जनवरी से 31 दिसम्बर तक का रहेगा। इसके मद्देनजर कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने निर्देश दिये कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लक्ष्यों की पूर्ति हर हाल में 31 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाये। लक्ष्यों का पूर्ति का मतलब ऋण प्रकरणों की स्वीकृति नहीं अपितु उनमें ऋण वितरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिये ऋण देकर हम उन्हें उद्यमी बनायेंगे, जिससे कि वे स्वयं के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकें। श्री नरहरि ने बताया कि जिले में इस वर्ष कृषि आय को दुगुना करने के संबंध में विशेष ध्यान दिया जायेगा। बैंकर्स से उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि के अलावा कृषि से जुड़े व्यवसाय और उद्योगों के लिये भी प्राथमिकता से ऋण दें।
बैठक में बताया गया कि स्टेण्डअप इंडिया योजना के अंतर्गत इंदौर जिले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गयी है। गत वित्तीय वर्ष में इंदौर जिले में स्टेण्डअप इंडिया योजना के अंतर्गत 217 प्रकरणों में 43 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया है। इस उपलब्धि से इंदौर जिले में मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
महिपाल/कपूर
No comments:
Post a Comment