ग्रामीण महिलाओं के लिये महिला आयोग करेगा शक्ति समिति का गठन
चार अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया भी जारी
इंदौर 18 जून,2017
राज्य महिला आयोग ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये शक्ति समिति का गठन करेगा। आयोग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को जारी पत्र में पंचायत स्तर पर चार सदस्यीय समिति गठित करने के लिये कहा गया है। समिति में एक आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला पंच/ सरपंच, आशा कार्यकर्ता और एक स्थानीय छात्रा होगी। समिति ग्रामीण महिलाओं की स्थिति का आकलन कर उनके प्रतिदुर्व्यवहार, अपराध और शोषण की जानकारी समय-समय पर आयोग को देती रहेगी। समिति महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति भी जागरूक करेगी।
महिलाओं के सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये आयोग के अधिनियम 1995 और महिला आयोग प्रक्रिया विनियम 1998 के तहत 4 अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। ये समितियाँ हैं- आयोग सखी, दिव्या समिति, करूणा समिति और मुक्ति समिति। समिति के सदस्यों को किसी भी प्रकार का वेतन या मानदेय नहीं दिया जायेगा। यह कार्य पूर्णत: स्वैच्छिक होगा।
गठन होने के बाद सखी समिति अपने क्षेत्र में महिला अत्याचार और प्रताड़ना की शिकायतकर्ता को मार्गदर्शन देने के साथ आयोग में त्वरित शिकायत भेजेगी। साथ ही, आयोग की कार्यशाला, शिविर और बैठकों में अपना सुझाव भी देंगी। दिव्या समिति आयोग अधिनियम की मंशानुसार विशेष प्रकरणों में अन्वेषण एवं पर्यवेक्षण कार्य कर अपने अभिमत से आयोग को अवगत करवायेंगी।
करूणा समिति प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चियों के लापता होने, अपहरण, उनकी खरीदी-बिक्री जैसी गंभीर समस्याओं में अध्ययन एवं शोध का कार्य करेंगी। साथ ही ऐसे परिवार जो स्वयं के बच्चों की खरीदी-बिक्री के लिये सहमत होते हैं, उनकी आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक पृष्ठभूमि और परम्परागत कारणों की समीक्षा करेगी। इन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये शोध कार्यों को शासन को भेजा जायेगा।
मुक्ति समिति बेड़िया-बाछड़ा जैसी जातियों में फैली सामाजिक कुप्रथाओं जैसे नातरा, झगड़ा आदि से महिलाओं के साथ हो रहे आर्थिक, शारीरिक शोषण से तुरंत अवगत करवायेंगी। समिति ऐसी सभी समस्याओं के निदान के लिये कार्य करते हुए समाज का विश्लेषण एवं महिलाओं की स्थिति का अध्ययन कर आयोग को सुझाव देगी। समिति अपने क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करने का भी कार्य करेगी।
सलाहकार समिति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यगण को विभिन्न वैचारिक नीतिगत मुद्दों, विधिक, नवीन योजना निर्माण, सामयिक विषयों, समस्याओं एवं प्रकरणों के निराकरण में भी अपने सुझाव देगी। समिति आयोग की बैठकों में भी भाग लेगी।
महिपाल/कपूर
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