Tuesday, 18 July 2017


विद्यादान कार्यकर्ता गरीब बच्चों को पढ़ायें - कमिश्नर श्री दुबे
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कार्यकर्ताओं का ऑनलाइन पंजीयन जारी
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इंदौर जिले में 193 कार्यकर्ताओं ने कराया ऑनलाइन पंजीयन
इंदौर 18 जुलाई 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में विद्यादान योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर विद्यादान कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कमिश्नर श्री दुबे ने कहा कि विद्यादान योजना में गरीब बच्चों को पढ़ायें। यह एक नि:शुल्क समाजसेवी कार्य है, और यह योजना पूरी तरह पेपरलेस है। कार्यकर्ताओं को 50 घंटे पढ़ाने के बाद ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा। 
कमिश्नर श्री दुबे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अपनी रुचि अनुसार सप्ताह में सिर्फ दो घंटे पढ़ाना है। समय, विषय और स्कूल कार्यकर्ताओं को स्वयं तय करना है। वैसे तो सभी विषय महत्वपूर्ण हैं, मगर गणित, अंग्रेजी और हिन्दी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शासकीय स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के मामले में निश्चित रूप से समस्याएं हो सकती हैं, मगर हमें समर्पित भाव से काम करना है। सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सभी कार्यकर्ता काम करने के लिये तत्पर रहें और उन्होंने जो विद्यार्थी जीवन में समाज से हासिल किया है, अब उन्हें वापस करने का समय आ गया है। कार्यकर्ता अपने सामाजिक दायित्व से बच नहीं सकते। कार्यकर्ताओं की सुविधा अनुसार स्कूल के समय में परिवर्तन नहीं किया जायेगा। कार्यकर्ता जिस समय अध्यापन करेंगे, उस समय संबंधित स्कूल के शिक्षक भी उपस्थित रहेंगे। स्कूल में पाठ¬क्रम पूरा करना संबंधित शिक्षक का दायित्व होगा। विद्यादान योजना से शैक्षणिक स्तर कितना ऊंचा हुआ, यह मूल्यांकन करना हेड मास्टर का काम है। 
उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं सदैव विद्यार्थी होता है। विद्यादान योजना से कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलेगा। विद्याधन एक ऐसा धन है, जो खर्च करने पर सदैव बढ़ता जाता है। शासकीय स्कूलों में भवन, फर्नीचर, किताब आदि की भी समस्याएं हो सकती हैं। समाज के सबसे गरीब वर्ग के लोग शासकीय स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। कोई भी विद्यादान कार्यकर्ता अपने दो घंटे के अध्यापन काल में प्रथम पन्द्रह मिनट पिछले पुनस्र्मरण पर उसके बाद एक घंटे विषय अध्यापन पर और अंतिम 45 मिनट उसी दिन पढ़ाये गये विषय का पुनस्र्मरण करें। उन्होंने बताया कि एक समय, एक दिन में उसी स्कूल में सिर्फ एक विद्यादान कार्यकर्ता ही अध्यापन कार्य कर सकेगा। 
उन्होंने कहा कि वाट्सअप, फेसबुक के इस युग में विद्यादान कार्यकर्ता अपने फोटो और विचार भी वाट्सअप, फेसबुक और ध्र्ध्र्ध्र्.ध्त्ड्डण्न्र्ठ्ठड्डठ्ठठ्ठद.ड़दृथ्र् पर शेयर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो पढ़ाने के लिये इच्छुक है, वह इस विद्यादान वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन घर बैठे कर सकता है। बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा श्री जी.एस. बामनिया भी मौजूद थे। 
सिंह/वटके 







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