Monday, 11 September 2017

लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत हितग्राही हित लाभ से वंचित होने पर
कार्यवाही की जायेगी--प्रमुख सचिव
इंदौर 11 सितम्बर,2017
प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्री जे.एन.कांसोटिया ने इंदौर जिले में लाडली लक्ष्मी योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत कोई भी पात्र हितग्राही छात्रवृत्ति से या ई-प्रमाण-पत्र से वंचित रह जाता है तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेकर परियोजना अधिकारी तक के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। प्रमुख सचिव ने परियोजना अधिकारी इंदौर शहरी क्रमांक-तीन, इंदौर शहरी क्रमांक- 6, इंदौर क्रामीण क्रमांक-एक, महू ग्रामीण क्रमांक-2 व देपालपुर क्रमांक 01 को वर्ष 2017-18 के लक्ष्य अनुसार कार्य हेतु निर्देश दिये। आपने इन अधिकारियों को 15 दिवस का समय निर्धारित लक्ष्य पाने के लिये दिया।
जिला इंदौर में लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत इस वर्ष कक्षा 06 में  एक हजार 737 बालिका द्वारा प्रवेश लिया गया है। प्रत्येक बालिका को 2 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जायेगी। प्रमुख सचिव द्वारा निर्देश दिये गये कि कोई भी पात्र हितग्राही छूटे नहीं, यह सुनिश्चित कर लें। इसी प्रकार जिन हितग्राही को ई प्रमाण-पत्र नहीं दिये गये उन्हें भी एक सप्ताह में ई प्रमाण-पत्र देने के निर्देश प्रमुख सचिव द्वारा दिये गये। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले में लगभग एक लाख 09 हजार बालिकाओं को लाडली लक्ष्मी योजना से लाभान्वित किया गया है। आयोजित समीक्षा बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा इंदौर संभाग श्री राजेश मेहरा, उप संचालक महिला सशक्तिकरण इंदौर संभाग श्रीमती मंजुला तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा जिला इंदौर श्री रजनीश सिन्हा व इंदौर जिले के समस्त परियोजना अधिकारीगण उपस्थित थे।
महिपाल/कपूर



मुख्यमंत्री युवा उद्यमी में अत्यवसायी 10 करोड़ रुपये का वित्तीय लक्ष्य
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अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं से आवेदन आमंत्रित
इंदौर 11 सितम्बर,2017
मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंत्यवसायी सहकारी विकास समिति जिला इंदौर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जिला अंत्यवसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित इंदौर को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में वर्ष 2017-18 का लक्ष्य प्राप्त हो गया है। जिले को 20 प्रकरणों का भौतिक लक्ष्य मिला है। इसके लिये 10 करोड रुपये का वित्तीय लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य पूर्ति हेतु अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों से उक्त योजना में आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। 
योजना के लिये पात्रता हेतु आवेदक को अनुसूचित जाति वर्ग का होना चाहिये। आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो, आवेदक की योग्यता न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण होना चाहिये। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक का ऋण उद्योग एवं सेवा व्यवसाय के लिये  बैंक द्वारा दिया जाता है। जिसमें मार्जिन मनी 15 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख रुपये देय है। बैंक द्वारा प्रकरण वितरण करने के बाद ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रतिवर्ष के मान से 7 वर्ष तक दिया जाता है। योजना में पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। विस्तृत जानकारी के लिये कलेक्टर कार्यालय के रूम नम्बर 205 में स्थित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित इंदौर कार्यालयीन समय में सम्पर्क कर सकते हैं।








पिछड़ा वर्ग में अभ्यर्थियों को स्वरोजगार हेतु मिलेगा 30 प्रतिशत अनुदान
इंदौर 11 सितंबर, 2017
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना वर्ष 2017-18 में दिए गए भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य अंतर्गत पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग हितग्राहियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के संबंध में शासन द्वारा केवल सेवा एवं उद्योग कार्य के आधार पर राशि रूपये 50 हजार तक के ऋण बैंकों के माध्यम से प्रदान किये जायेगें। बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण अनुसार 30 प्रतिशत अथवा अधिकतम सीमा 15 हजार रूपये के मान से अनुदान राशि विभाग द्वारा स्वीकृतकर्ता बैंक के खाते में उपलब्ध कराई जायेगी। 
सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ने बताया कि आवेदक की उम्र 18 से 45 वर्ष होना आवश्यक हैं, पासपोर्ट फोटो 04 नग, बी.पी.एल. अन्त्योदय बी.पी.एल कार्डधारी होना चाहिए, आई.डी आधार कार्ड, मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र (स्वघोषित) की मूल प्रति, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 05वीं कक्षा उत्तीर्ण होना छाया प्रति, जन्म तिथि संबंधी प्रमाण-पत्र (कक्षा 05, 08वीं तथा 10वीं की अंकसूची में से कोई 01 अनिवार्य), पिछड़ा वर्ग का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति संबंधी प्रमाण-पत्र। (अल्पसंख्यक वर्ग के लिए स्वघोषित जाति प्रमाण-पत्र) होना चाहिए। आवेदन फार्म हेतु कार्यालय सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, 303 सेटेलाइट भवन, कलेक्टोरेट, इंदौर, दूरभाष- 0731-2369050 पर संपर्क पर प्राप्त किए जा सकते हैं। 
सिंह/जी.






 

रबी में पानी की उपलब्धता अनुसार कम पानी चाहने वाली 
फसलों की बुआई हेतु कृषकों को दी जाये सलाह
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पटवारी हल्कावार तैयार की जाये कार्ययोजना
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कलेक्टर की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय संबंधी बैठक सम्पन्न
इंदौर 11 सितम्बर, 2017
कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने कृषि विभाग को निर्देश दिये कि वे पानी की उपलब्धता के अनुसार किसानों को रबी में कम पानी चाहने वाली फसलों की बुआई के लिये विशेष रूप से सलाह दें। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग कृषि वैज्ञानिकों की मदद से पहले यह तय करे कि कम पानी की स्थिति में किस क्षेत्र में कौन सी फसल लगाना उपयुक्त होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल लगाने की सलाह देने के लिये मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करें। इसके लिये किसान मित्र व किसान दीदी के साथ ही उन्नत कृषकों का भी सहयोग लिया जा सकता है। कलेक्टर श्री वरवड़े सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में अंतर्विभागीय समन्वय संबंधी बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में आयुक्त नगर निगम श्री मनीष सिंह, अपर कलेक्टर रूचिका चौहान, अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा, आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गौतम सिंह गौतम विशेष रूप से उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वरवडे ने कहा कि जिले में चालू वर्ष में औसत से कम वर्षा हुई है और जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है तथा सूखा की स्थिति बनने की संभावना है उन क्षेत्रों में आमजन व मवेशियों के लिये पेयजल की व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, वहीं किसानों को पानी की उपलब्धता के मान से उपयुक्त फसलों का चयन कर बोने की सलाह दिया जाना दूसरी प्राथमिकता होगी। उन्होंने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को अभी से तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि व संबंधित विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करने व किसानों से संवाद कर उपयुक्त सलाह देने हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री वरवड़े ने कहा कि कृषि विभाग पटवारी हल्कावार रबी के लिये फसलों को लगाने हेतु सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार करे तथा अपने मैदानी अधिकारियों के माध्यम से कार्ययोजना को क्रियान्वित कराये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशु चिकित्सा सेवाएं, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी सूखा मैन्युअल को डाउनलोड कर निर्धारित प्रपत्र में अभी से जानकारी भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सूखा-राहत राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाये। कलेक्टर श्री वरवड़े ने सूखे से निपटने के लिये जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाने हेतु बैठक भी आयोजित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि 15 सितम्बर को जिला जल उपयोगिता समिति की भी बैठक रखी गयी है। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित रहने हेतु निर्देशित किया।
  अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित इस बैठक में नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह तथा आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गौतमसिंह को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया तथा नगर निगम व आईडीए के साथ दूसरे विभागों से संबंधित समन्वय संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018, नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में शौचालयों की स्थिति व मरम्मत, स्कूलों में विद्युत व्यवस्था,पंखे व प्रकाश की व्यवस्था आदि के संबंध में चर्चा की गयी तथा वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इस कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। बैठक में लोहा मण्डी को नवीन स्थल पर शिफ्ट करने, लोक निर्माण विभाग व हाउसिंग बोर्ड के जीर्णशीर्ण भवनों को डिशमेंटल करने के अलावा आईडीए से संबंधित अन्य समन्वय संबंधी मामलों पर चर्चा की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक में भावांतर योजना के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गयी तथा योजना के संबंध में किसानों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। शिक्षा विभाग को हम्माल व तुलावटी के बच्चों की छात्रवृत्ति से संबंधित मामले के लिये अलग से प्रकोष्ठ बनाने व इनके पंजीयन कराने के निर्देश दिये। बैठक में शासकीय कार्यक्रमों के लिये अधिग्रहित की गयी बसों के लंबित भुगतान के संबंध में त्वरित कार्यवाही हेतु अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया। 
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑन लाइन, लोक सेवा गारंटी व उत्तरा में लंबित आवेदनों व पत्रों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की गयी। कलेक्टर श्री वरवड़े ने बताया कि आगामी अक्टूबर माह की समाधान ऑन लाइन में सीएम हेल्पलाइन में लंबित पुराने मामलों में से भी प्रकरणों का चयन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण सीएम हेल्प लाइन में लंबित पुरानी शिकायतों को संबंधित आवेदकों से चर्चा कर शीघ्रता से निराकृत करें। यदि आवेदक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद भी संतुष्ट नहीं होता है तो एकल नस्ती के माध्यम से फोर्स क्लोजर हेतु भिजवायें। उन्होंने कहा कि आगामी टीएल बैठक में पुराने लंबित मामलों की रेण्डम आधार पर समीक्षा की जायेगी तथा चयनित प्रकरण में की गयी कार्यवाही की समीक्षा की जायेगी। कलेक्टर श्री वरवड़े ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों पर पुन: ध्यान देने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया और कहा कि जो मामले समयावधि से बाहर के पाये जायेंगे उनमें नियमानुसार अर्थदण्ड आरोपित किया जाएगा। उन्होंने उत्तरा पोर्टल पर लंबित ऐसे मामला,ें जिनमें अभी तक कोई पहल कर कार्यवाही नहीं की गयी है, पर नाराजगी प्रकट की और निर्देशित किया कि उत्तरा पोर्टल के लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुये त्वरित कार्यवाही करें और की गयी कार्यवाही को उत्तरा पोर्टल पर भी दर्ज करायें।
भदौरिया/कपूर
 







कलेक्टर की अध्यक्षता में आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक सम्पन्न
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नवाचार के रूप में जिले में मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा
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जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा जैविक उत्पादों के 
विपणन की व्यवस्था करने के निर्देश
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एजोला की खेती से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की हुई सराहना
इंदौर 11 सितम्बर, 2017
कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विभाग विभाग की आत्मा गवर्निंग बोर्ड की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, परियोजना संचालक आत्मा शर्ली थॉमस, उप संचालक उद्यानिकी श्री जाटव, सहायक संचालक मत्स्य श्री रायकरवार के अलावा बोर्ड के अशासकीय सदस्यगण के रूप में उन्नत कृषक उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017-18 में आत्मा योजनांतर्गत मधुमक्खी पालन को नवाचार के घटक के रूप में लिया गया। इसके लिये कृषि विज्ञान केन्द्र कस्तुरबा ग्राम इंदौर में जिले के 30 कृषकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। इच्छुक कृषकों को प्रशिक्षण उपरांत बुरहानपुर जिले में मधुमक्खी पालन प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया जा चुका है, जहां उन्हें समक्ष में मधुमक्खी पालन की तकनीक संबंधी बारीकियों को सिखाया गया, ताकि कृषक बंधु अपने खेत पर मधुमक्खी पालन कर सकें। बैठक में दुधारू पशुओं के लिये एजोला के उत्पादन को बढ़ावा देने से किसानों को हुये लाभ की सराहना की गयी। बताया गया कि एजोला से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई, वहीं सुदाना पर होने वाले खर्च की बचत हुयी।
कलेक्टर श्री वरवड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जैविक खेती अपनाने वाले कृषकों को सतत रूप से प्रोत्साहित किया जाये। जैविक उत्पादों के विपणन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि कृषकों को उनकी जैविक उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। परियोजना संचालक आत्मा ने बताया कि इंदौर जिले में जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिये 10 जैविक क्लस्टर बनाये गये हैं। इन क्लस्टरों से कुल 482 कृषक जुड़े हुये हैं। बैठक में पी.के.व्ही.वाय. योजना अंतर्गत 2016-17 में संपादित कार्यों के संबंध में भी चर्चा की गयी। योजना के तहत मृदा परीक्षण, कृषक भ्रमण, वर्मी कम्पोस्ट पिट निर्माण कृषक प्रशिक्षण आदि कार्य किये गये हैं। सांसद आदर्श ग्राम माचल में अजोला उत्पादन को बढ़ावा देने तथा बीज उत्पादन समिति के गठन के संबंध में भी चर्चा की गयी। कलेक्टर श्री वरवड़े ने सांसद आदर्श ग्राम में विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। 
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत शामिल सभी घटकों के वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों के साथ ही उनकी उपलब्धियों की समीक्षा की गयी। उप संचालक कृषि ने मिशन के तहत लिये गये घटकों में मूंग व उड़द की फसलों के साथ क्रापिंग सिस्टम बेज्ड डिमोस्ट्रेशन तथा इंटर क्रोपिंग डिमोस्ट्रेशन संबंधी लक्ष्यों की पूर्ति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत दलहन की बीज उत्पादन कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया। 150 कृषकों को Ïस्प्रकलर सेट वितरित किये गये। कलेक्टर श्री वरवड़े ने हितग्राहियों के चयन के संबंध में विशेष रूप से निर्देश दिये। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रजनक एवं प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम की समीक्षा की बताया गया कि जिले में स्वीट कार्न (मक्का) की फसल को 400 एकड़ में  लगाने का लक्ष्य रखा गया था तथा इस योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति की गयी। नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेवल एग्रीकल्चर के तहत प्रस्तावित क्लस्टरों पर चर्चा की गयी तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया गया कि वे क्लस्टरों के चयन को देखें। उन्होंने कहा कि क्लस्टरों का चयन सही हो ताकि वास्तविक किसानों को लाभ मिल सके। 
बैठक में उद्यानिकी विभाग की राष्ट्रीय कृषि योजना के अंतर्गत प्याज भण्डार गृह निर्माण की समीक्षा की गयी। बताया गया कि जिले में कुल 152 प्याज भण्डारगृह निर्माण हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। 50 भण्डारगृहों का निर्माण किसानों द्वारा प्रारंभ भी कर दिया गया है। बैठक में उन्नत कृषि यंत्रों पर अनुदान के संबंध में भी चर्चा की गयी। बताया गया कि किसानों को रोटावेटर, रिवर्सीवल प्लाऊ, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल आदि उन्नत कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराये गये हैं। सहायक संचालक मत्स्य पालन को बारह मासी पानी वाले तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन हेतु सोसायटियों के माध्यम से मत्स्य  बीज तालाबों में डाला जाये। उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम माचल के तालाबों में मत्स्य पालन को विशेष रूप बढ़ावा देने के निर्देश दिये। 
भदौरिया/कपूर





पौष्टिक आहार व चारे के रूप में किसानों ने शुरू किया एजोला का उपयोग
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गायों के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मिली सफलता
इंदौर 11 सितम्बर,2017
एजोला दूध उत्पादन में वृद्धि के लिये मददगार साबित हो रहा है उसे पशु आहार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। कैलोद करताल खण्डवा रोड निवासी श्री कैलाश पटेल ने नवाचार के रूप में सबसे पहले एजोला की खेती की तथा अपनी 5 गायों को पशु आहार के रूप में खिलाया जिसके सुफल के रूप में गायों से दूध उत्पादन में वृद्धि के रूप में देखने को मिला।
किसान श्री कैलाश पटेल ने बताया कि परियोजना संचालक आत्मा की सलाह पर उन्होंने पिछले वर्ष अपने यहां 12 फीट लंबा, तीन फीट चौड़ा एवं एक फीट गहरा टैंक बनवाया तथा पानी भरवाकर एजोला की खेती प्रारंभ की और अपनी गायों को खिलाना शुरू किया। प्रत्येक गाय को साढ़े 7 सौ ग्राम से एक किलोग्राम एजोला खिलाया, जिससे उनको हरे चारे के रूप में चरी की जरूरत नहीं पड़ी। एजोला सीधे ही भूसा में मिलाकर गायों को खिलाया। एजोला को गाय बड़े चाव से खाती हैं। उन्होंने बताया कि एजोला को खिलाने के बाद से सुदाना भी खिलाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे उन्हें 5 गायों हेतु सुदाना खरीदने के लिये प्रतिमाह होने वाले तीन हजार रुपये के खर्च की सीधी बचत भी हुयी। वहीं गर्मी में हरे चारे की समस्या से भी निजात मिली। अब उन्हें हरे चारे के लिये चरी पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। श्री पटेल ने बताया कि जनवरी 2017 से गायों को एजोला पशु आहार के रूप में खिला रहे हैं तथा सुदाना खिलाना बंद कर दिया है, फिर भी दूध का उत्पादन पहले से बढ़ा है। किसान श्री पटेल ने यह भी बताया कि गाय के दूध में एजोला खिलाने के बाद 0.5 प्रतिशत वसा की वृद्धि हुयी है, जिससे प्रतिकिलो दूध की अधिक कीमत भी प्राप्त हुई है।
किसान श्री पटेल ने बताया कि जब से उन्होंने एजोला उत्पादन को शुरू किया है तथा दूसरे किसानों के साथ अपने अनुभव साझा किये हैं, तब से देखादेखी के रूप में 22 किसानों ने अपने यहां एजोला की खेती शुरू कर दी है तथा वे भी अब अपने मवेशियों को एजोला खिलाकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में सफल हो रहे हैं। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े को जब श्री कैलाश पटेल व अन्य किसानों ने एजोला से हुये फायदे के संबंध में अवगत कराया तो वे उनके इस नवाचार को अपनाने के लिये प्रशंसा किये बिना न रह सके तथा उनको साधुवाद देते हुये कहा कि वे अपने इन अनुभवों को जिले के अन्य किसानों के साथ साझा करें, ताकि वे भी आगे आकर लाभ उठा सकें।
भदौरिया/कपूर





उन्नत कृषक गोकुल सिंह बिसनखेड़ा को मिला सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार का प्रमाण-पत्र
इंदौर 11 सितम्बर,2017
जिले के उन्नत कृषक श्री गोकुल सिंह बिसनखेड़ा का राज्य स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के लिये चयन हुआ था। आत्मा गवर्निंग बोर्ड की आज सम्पन्न हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने उन्नत कृषक श्री गोकुलसिंह बिसनखेड़ा को सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार का प्रमाण-पत्र वितरित किया।
भदौरिया/कपूर

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