Friday, 1 September 2017


मुख्य सचिव ने महू में एसडीएम व तहसील कोर्ट का किया निरीक्षण 
इंदौर एक सितम्बर, 2017
प्रदेश के मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह ने शुक्रवार को जिले की महू तहसील पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त श्री संजय दुबे व कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े भी उनके साथ में थे।
निरीक्षण में एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय में संधारित दायरा पंजियों का अवलोकन किया तथा आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों से मिलान होने के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में प्रचलित फाइलों का भी बारीकी से अवलोकन किया व आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान डायवर्सन शुल्क की वसूली, खनिज के अवैध उत्खनन व परिवहन संबंधी प्रकरणों में अर्थदण्ड व वसूली की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण में उन्होंने इस प्रकार की वसूलियों पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही डायवर्शन वसूली की प्रगति की पुन: समीक्षा करेंगे। तहसीलदार कोर्ट में निरीक्षण के दौरान शत-प्रतिशत सीमांकन टीएसएम मशीन से किये जाने व लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और उनका समय-सीमा में निराकरण संबंधी प्रक्रिया की विशेष रूप से प्रशंसा की। निरीक्षण के समय एडीशनल एस.पी., एसडीएम महू व तहसीलदार महू भी उपस्थित रहे।
भदौरिया/कपूर









राशन की दुकानों से विगत माहों से राशन न लेने वालों की सूची जारी
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ऐसे परिवार सत्यापित नहीं होने पर सूची से हटाये जायेंगे
इंदौर 01 सितंबर 2017
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित परिवार द्वारा प्राप्त किये जा रहे राशन का विश्लेषण एनआईसी भोपाल द्वारा किया गया जिसमें ज्ञात हुआ हैं कि कुछ परिवारों द्वारा 3 माह से एवं कुछ परिवारों द्वारा 4 माह से उचित मूल्य दुकान से राशन सामग्री प्राप्त नहीं की गई हैं। संचालनालय खाद्य भोपाल द्वारा 61031 ऐसे परिवारों की नामवार एवं उचित मूल्य दुकानवार सूची एक्सेल शीट में एनआईसी भोपाल द्वारा जिले को ईमेल के माध्यम से भेजी गई हैं। यह सूची दुकानवार जिले में संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर उपलब्ध हैं। 
जिले में उक्त राशन प्राप्त न करने वाले परिवारों के अस्तित्व में होने की संभावना कम हैं। इन परिवारों की जांच करने हेतु आयुक्त, नगर पालिका निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी/दंडाधिकारी एवं परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, समस्त जनपद पंचायत, समस्त नगर पालिका अधिकारी, इंदौर कलेक्टर द्वारा पत्र जिखा गया हैं तथा निर्देशित किया गया है कि उक्त अधिकारी विशेष अभियान चलाकर उक्त परिवारों की जांच 15 सितंबर 2017 तक पूर्ण करायें तथा इसकी जानकारी कलेक्ट्रेट खाद्य शाखा को भेजे। इनमें से जो परिवार अपात्र/अस्तित्वविहीन/दोहरे पाए जाने पर सक्षम अधिकारी की स्वीकृति उपरांत ऐसे अपात्र परिवारों को पोर्टल से विलोपित किये जाये।
अपात्र परिवारों को पोर्टल से हटाने एवं नवीन पात्र परिवारों को जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में जितने अपात्र परिवारों को हटाया जायेगा, उतनी ही संख्या में नवीन पात्र परिवारों को सम्मिलित किया जाकर योजना से लाभांवित किया जा सकेगा। 
ऐसे हितग्राही जो समग्र पोर्टल पर शासन द्वारा चिन्हित 24 श्रेणियों में सत्यापित हैं एवं राशन सामग्री प्राप्त करने दुकान पर नहीं जा रहे हैं, वे पात्रता पर्ची में उल्लेखित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर उपलब्ध सूची का अवलोकन कर अपनी आपत्ति दुकानदार के पास दर्ज करा सकते हैं। इस हेतु 15 सितंबर 2017 तक का समय दिया गया हैं। उसके पश्चात् कोई सुनवाई या आपत्ति दर्ज नहीं होगी।








बाल संप्रेक्षण गृह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
इंदौर 01 सितंबर, 2017
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव के निर्देशानुसार 30 अगस्त को बाल संप्रेक्षण गृह एवं विशेष बाल सुधार गृह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त शिविर में श्री तजिन्दरसिंह अजमानी अपर जिला न्यायाधीश, श्री आशुतोष अग्रवाल जिला रजिस्ट्रार/सचिव एवं श्रीमती बरखा दिनकर प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड द्वारा भाग लिया गया।
अतिथिगणों द्वारा बाल संप्रेक्षण गृह एवं विशेष बाल सुधार गृह में रखे गये बालकों को अपराधों के परिणाम से अवगत कराते हुए शिक्षा का महत्व बताया गया एवं शिक्षित होकर देश निर्माण में योगदान करने तथा बालकों को सत्य, अहिंसा एवं सम्मति पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।





नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों के निराकरण हेतु बैठक
इंदौर 01 सितंबर, 2017
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में जिला इंदौर में 09 सितंबर 2017 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 से संबंधित मामलों को अधिक से अधिक संख्या में निपटाने हेतु श्री पी.सी. आर्य ग्यारहवें अपर जिला न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (विद्युत) एवं श्री आशुतोष अग्रवाल जिला रजिस्ट्रार/सचिव, इंदौर द्वारा विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ 30 अगस्त 2017 को बैठक ली।
उक्त बैठक में विद्युत अधिनियम, 2003 से संबंधित न्यायालयों में लंबित एवं न्यायालयों में जाने के पूर्व के वाद को अधिक से अधिक संख्या में निपटाने हेतु ऊर्जा विभाग द्वारा दी गई छूट का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार कराने व उपभोक्ताओं को नोटिसों की तामीली सुनिश्चित रूप से हो सके इस हेतु अथक प्रयास किये जाने पर चर्चा की गई। 
 सिंह/जी.






पिछड़ा वर्ग में अभ्यर्थियों को स्वरोजगार हेतु मिलेगा 30 प्रतिशत अनुदान
इंदौर 01 सितंबर, 2017
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना वर्ष 2017-18 में दिए गए भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य अंतर्गत पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग हितग्राहियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के संबंध में शासन द्वारा केवल सेवा एवं उद्योग कार्य के आधार पर राशि रूपये 50 हजार तक के ऋण बैंकों के माध्यम से प्रदान किये जायेगें। बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण अनुसार 30 प्रतिशत अथवा अधिकतम सीमा 15 हजार रूपये के मान से अनुदान राशि विभाग द्वारा स्वीकृतकर्ता बैंक के खाते में उपलब्ध कराई जायेगी। 
सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ने बताया कि आवेदक की उम्र 18 से 45 वर्ष होना आवश्यक हैं, पासपोर्ट फोटो 04 नग, बी.पी.एल. अन्त्योदय बी.पी.एल कार्डधारी होना चाहिए, आई.डी आधार कार्ड, मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र (स्वघोषित) की मूल प्रति, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 05वीं कक्षा उत्तीर्ण होना छाया प्रति, जन्म तिथि संबंधी प्रमाण-पत्र (कक्षा 05, 08वीं तथा 10वीं की अंकसूची में से कोई 01 अनिवार्य), पिछड़ा वर्ग का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति संबंधी प्रमाण-पत्र। (अल्पसंख्यक वर्ग के लिए स्वघोषित जाति प्रमाण-पत्र) होना चाहिए। आवेदन फार्म हेतु कार्यालय सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, 303 सेटेलाइट भवन, कलेक्टोरेट, इंदौर, दूरभाष- 0731-2369050 पर संपर्क पर प्राप्त किए जा सकते हैं। 
/सिंह/जी.






शासकीय भूमि में पाइप लाइन बिछाने पर रोक
इंदौर 01 सितंबर, 2017
मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय, भोपाल द्वारा शासकीय भूमि में से भूमिगत पाइप लाइन केबल या डक्ट बिछाने के लिए प्रावधान विहित किए जाकर जिले के भीतर अनुज्ञप्ति स्वीकृति हेतु कलेक्टर को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया हैं। 
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा अतएव उक्त विहित प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू किये जाने के मद्देनजर इंदौर जिले एवं शहरी क्षेत्र में शासकीय भूमियों में से भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट बिछाने हेतु प्रचलित समस्त कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गयी हैं। संबंधित कंपनियों, निगम तथा सार्वजनिक उपक्रमों अथवा अन्य एसेंसी द्वारा शासकीय/सार्वजनिक भूमि पर किया भी प्रकार की पाइप लाइन, केबल डक्ट बिछाने हेतु भूमि की खुदाई का कार्य सक्षम अनुमति के उपरान्त ही प्रारंभ किया जाये।
सिंह/जी.


प्रमुख सचिव श्री पाण्डे ने सांवेर एसडीएम व तहसील कोर्ट का निरीक्षण किया
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राजस्व संबंधी सभी प्रकरण लोक सेवा गारंटी में दर्ज करने के निर्देश
इंदौर एक सितम्बर, 2017
राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव श्री अरूण पाण्डे ने इंदौर की सांवेर तहसील पहुंचकर एसडीएम और तहसीलदार की कोर्ट का निरीक्षण किया। कोर्ट में पंजीकृत दायरा पंजी, अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बटांकन के प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही देखा की सभी प्रकरण लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत पंजीकृत किये गये है या नहीं। प्रमुख सचिव ने एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिये कि अविवादित सभी प्रकरण लोक सेवा गारंटी में दर्ज किये जायें और उन सभी प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण किया जाये।
प्रमुख सचिव श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि गत दिवस इंदौर संभाग के राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह ने निर्देश दिये हैं कि दायरा पंजियों में वास्तविक पंजीयन किये जायें। इसमें किसी प्रकार का भी हेरफेर करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी और ऐसे अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है। डायवर्शन संबंधी प्रकरणों के निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने एसडीएम श्री रवीश श्रीवास्तव को निर्देश दिये कि डायवर्शन की राशि वसूल की जाये। साथ ही डायवर्शन के प्रकरणों में जहां तक संभव हो डायवर्शन की एनओसी देने के पूर्व राशि जमा करायी जाये। भूमि का वाणिज्यिक उपयोग करने वाले आवेदकों से आवश्यक रूप से डायवर्शन शुल्क जमा कराया जाये और जिन डायवर्शन प्रकरणों में अभी तक वसूली राशि लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द वसूल कर शासन के खाते में राशि जमा करायी जाये।
प्रमुख सचिव ने तहसील कोर्ट के निरीक्षण के दौरान तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सीमांकन, बटांकन एवं नामांतरण प्रकरणों को समय-सीमा के पूर्व निराकरण कर दिया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सीमांकन टीएसएम मशीन के माध्यम से किये जायें और सभी प्रकरणों में ऑनलाइन इन्ट्री की जाये। भौतिक रूप से किये गये सीमांकन आगे से स्वीकार नहीं किये जायेंगे। इसके लिये यह सुनिश्चित किया जाये कि सभी सीमांकन मशीन के द्वारा किये जायें।
क्रमांक राठौर/कपूर

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