Friday, 13 April 2018

लोक अदालत में मिलेगा सबको न्याय
लोक अदालत में होती है दोनों पक्षों की जीत
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      म.प्र. उच्च न्यायालय खण्उपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में म.प्र. उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में आगामी 22 अप्रैल 2018 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा हैं।
      आगामी 22 अप्रैल 2018 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय  आपराधिक प्रकरणपरक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरणबैंक रिकवरी संबंधी मामलेंमोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरणवैवाहिक प्रकरणश्रम विवाद प्रकरणभूमि अधिग्रहण के प्रकरणविद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण (अशमनीय मामलों को छोड़कर)सेवा मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित हैंराजस्व प्रकरणदीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्यप्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा। उक्त नेशनल लोक अदालत में मोटरयान दुर्घटना क्लेम प्रकरणों के संबंध में गत 05 अप्रैल 2018 को बीमा कंपनी के अधिकारीगण एवं अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयांजित की गई। आयोजित बैठक में नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधि प्रकरणों के निराकरण के संबंध में चर्चा की गई।
      प्रिंसिपल रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय श्री तारकेश्वर सिंह ने समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया है कि उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में प्रिंसिपल रजिस्ट्रारडिप्टी रजिस्ट्रारसंबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से संपर्क कर सकते हैं एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन/सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गई कोर्ट फीस शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान हैं। लोक अदालत में सबको न्याय मिलता हैं और दोनों पक्षों को जीत मिलती है तथा अदालत के निर्णय के विरूद्ध वरिष्ठ न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती।

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