आज राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी और राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सागर विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और उन्होंने भी मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया।
"मध्यप्रदेश सिर्फ भौगोलिक दृष्टि से ही देश का हृदय प्रदेश नहीं है, बल्कि यहाँ की संस्कृति, परम्परा, राजनीतिक चेतना सहित शिक्षा के प्रकाश के चलते ये देश की धड़कन है। सागर विश्वविद्यालय डॉ. हरिसिंह गौर की तपस्या का प्रतिफल है, उन्होंने अपनी मेधा से जहाँ देश के विभिन्न पदों को सुशोभित किया, वहीं अपनी सारी जमा पूंजी से इस विवि का निर्माण कर देश को मेधावी विद्यार्थी देते रहने का मार्ग बनाया। सही मायने में आधुनिक सोच वह है जिसमें कमजोर वर्गों के कल्याण का विशेष ध्यान रखा जाए। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जनकल्याण की अनेकों योजनाएं बनाई हैं। प्रसन्नता की बात है कि आज यहां जिन मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए हैं, उनमें बालिकाओं की संख्या अधिक है।"
- श्री रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
"औपचारिक रूप से शिक्षा एक दिन समाप्त हो जाती है किन्तु सीखने की प्रक्रिया जीवनपर्यंत सतत चलती रहती है। अतः हमें निष्ठा, सत्यता और प्रतिबद्धता के साथ अर्जित ज्ञान को सदकार्यों में उपयोग करना चाहिए। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का सदुपयोग देश के विकास में करें।"
- श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल
- श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल
"सीखना कभी समाप्त नहीं होता, और जो ज्ञान आपने प्राप्त किया है इसका प्रयोग आप राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए करें। मेधावी विद्यार्थी जिस भी क्षेत्र में जाएं अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। आपने जो ज्ञान प्राप्त किया है, उसका उपयोग केवल अपने लिए नहीं; बल्कि देश और दुनिया के उत्थान के लिए हो।"
- शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री
- शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री
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