मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के तहत
श्रमिक परिवारों की गर्भवती महिलाओं को मिलेगी 16 हजार रूपये की मदद
इंदौर 20 मई 2018
प्रदेश सरकार ने असंगठित श्रमिक परिवारों की महिलाओं को गर्भावस्था में आर्थिक रूप से मदद करने के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना 2018 हाल ही में लागू की है। इस योजना का उद्देश्य असंगठित महिला मजूदरों को गर्भावस्था के दौरान मजदूरी न कर पाने के कारण होने वाली आर्थिक क्षति की पूर्ति करना है। यह योजना एक अप्रैल 2018 से प्रभावशील हो चुकी है। जुलाई 2017 तथा इसके पश्चात गर्भधारण करने वाली महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। संबंधित महिला असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीबद्ध होनी चाहिए। इस योजना के तहत किसी भी महिला को शासकीय अस्पतालों में दो प्रसव के लिए मदद दी जायेगी। योजना के तहत महिला को कुल 16 हजार रूपये की मदद दो किश्तों में दी जायेगी, जिसमें से पहली किश्त के रूप में 4 हजार रूपये गर्भावस्था की अंतिम तिमाही में स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा जांच करने के उपरांत भुगतान किए जायेंगे। द्वितीय किश्त के रूप में 12 हजार रूपये की मदद शासकीय अस्पताल में प्रसव होने तथा बच्चे के जन्म के उपरांत शिशु को टीकाकरण हो जाने के बाद दी जायेगी। आवेदन के साथ लगाये जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों में मजदूर पंजीयन कार्ड, सरकारी अस्पताल में प्रसव का प्रमाण पत्र, 2 जीवित जन्म वाले प्रसव के लिए एएनएम द्वारा जारी प्रमाण पत्र, मातृ व शिशु सुरक्षा कार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रति, आधार खाते से लिंक बैंक एकाउंट की पासबुक की छायाप्रति शामिल है। अधिक जानकारी के लिए श्रमिक सेवा पोर्टल से जानकारी डाउनलोड की जा सकती है अथवा जिला श्रम पदाधिकारी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
/सिंह/विजय
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