नगर निगम सीमा में सार्वजनिक स्थानों पर पशुपालन प्रतिबंधित
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धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
इन्दौर, 26 मई 2017
जिले में शांति एवं सुव्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला जारी है। इसी सिलसिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी. नरहरि ने भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत इन्दौर नगर निगम सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर पशुपालन पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। पशुपालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने पशुओं को पशुपालन हेतु प्रतिबंधित एरिया के बाहर ही रखें। यदि कोई आवारा पशु नगर निगम सीमा क्षेत्र में पाये जाएंगे तो संबंधित पशुपालक के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही नगर निगम या किसी शासकीय एजेंसी द्वारा आवारा पशुओं की धरपकड़ की कार्यवाही के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जाता है तो उसके विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
यदि प्रतिबंधित एरिया में किसी संरचना या बाड़े में अधिक संख्या में पशुओं का पालन करना पाया जाता है तो ऐसी संरचना या बाड़ों को आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर हटा लिया जाये अन्यथा उन्हें तोड़कर हटाया जायेगा। सार्वजनिक स्थानों यथा सड़कों आदि पर आवारा पशुओं के विचरण को उक्त आदेश के प्रभावी होने से ही प्रतिबंधित किया गया है।
नगर निगम द्वारा विशेष टीमों का गठन कर लगातार आवारा पशुओं को पकड़ने की मुहिम जारी रखी जायेगी तथा इन आवारा पशुओं को पकड़ने पर सुरक्षित कांजी हाउस में इन्हें रखा जाये तथा किसी भी स्थिति में वापस छोड़ा नहीं जायेगा। ऐसे पकड़े गये आवारा पशुओं को शहर से लगभग 50-55 किलोमीटर दूरस्थ ऐसे स्थलों पर भेजा जाये, जहाँ आसपास पानी तथा चारे की सहज उपलब्धता हो सके। यदि इन पशुओं को शहर से बाहर ले जाने की कार्यवाही के दौरान यदि किसी व्यक्ति द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जाता है ते उसके विरुद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
यह आदेश आगामी 21 जुलाई 2017 तक प्रभावशील रहेगा। उक्त प्रभावशील अवधि में उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
सिंह/वटके
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