हाईकोर्ट की इंदौर खण्डपीठ में लोक अदालत 8 जुलाई को
इंदौर, 23 मई 2017
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में 8 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा है। इससे जनता को सस्ता-शीघ्र-सुलभ न्याय मिलेगा।
पिं्रसिपल रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय विधिक सेवा श्री देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकव्हरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर बिल संबंधी प्रकरण, सेवा मामले जो सेवानिवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकरण के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जायेगा।
पिं्रसिपल रजिस्ट्रार द्वारा समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया गया है कि उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में पिं्रसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर में संपर्क कर सकते हैं एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन अथवा सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गई कोर्ट फीस का शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान है। लोक अदालत में किये फैसले के विरूद्ध किसी भी वरिष्ठ न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती। लोक अदालत में समझौते के तहत प्रकरणों का निराकरण किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों की जीत होती है।
सिंह/कपूर
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