Monday, 22 May 2017




 

जानापाव से निकलने वाली नदियों को पुनर्जीवित किया जायेगा-बनेगी कार्ययोजना 
जैव विविधता संरक्षण समय की जरूरत---कलेक्टर श्री पी.नरहरि
इंदौर 22 मई, 2017
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित संगोष्ठि को सम्बोधित करते हुये कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण समय की जरूरत है। जैव विविधता का संरक्षण कर हम मानव जीवन को सुरक्षित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जैव विविधता संरक्षण के लिये इंदौर जिले में कारगर  प्रयास किये जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत इंदौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल जानापाव से निकलने वाली नदियों को पुनर्जीवित किया जायेगा। इसके लिये विभिन्न शासकीय विभागों के सहयोग से कार्ययोजना बनायी जायेगी।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर यह संगोष्ठी कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में वन विभाग द्वारा आयोजित की गयी। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक श्री पंकज श्रीवास्तव, मुख्य वन संरक्षक श्री पुरूषोत्तम धीमान, वन मण्डलाधिकारी श्री विकास वर्मा तथा पशु चिकित्सा महाविद्यालय के डीन श्री पी.के.शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर हुये स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर शहर को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। हमारा प्रयास है कि स्वच्छता के साथ-साथ इंदौर जिला हरियाली में भी अव्वल रहे। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि वे आगामी 2 जुलाई को आयोजित होने वाले व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता दें। उन्होंने कहा कि इस वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत जिले की प्रमुख नदी क्षिप्रा के किनारे प्रमुखता से वृक्षारोपण करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से पर्यावरण सुधार में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण समय की बड़ी जरूरत है। जैव विविधता के संरक्षण के लिये इंदौर जिले में कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत चोरल नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास जैव विविधता के संरक्षण का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस नदी को पुनर्जीवित करने के मिले सुफल से अब जिले के प्रमुख पर्यटन केन्द्र जानापाव से निकलने वाली नदियों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये विभिन्न शासकीय विभागों के सहयोग से कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जायेगा। 
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये वक्ताओं ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि जीवन में जैव विविधता का काफी महत्व है। हमें एक ऐसे पर्यावरण का निर्माण करना है जिससे जैव विविधता में समृद्ध, मजबूत और आर्थिक गतिविधियों के लिये अवसर मिल सके। जैव विविधता के असंतुलन से प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा मिलता है। जैव विविधता संरक्षण समय की बड़ी जरूरत है। मानव जीवन के लिये जैव विविधता का विशेष महत्व है।
संगोष्ठी के दौरान नर्मदा नदी के विशेषज्ञ और समाजसेवी श्री अमृतलाल बैगड़ द्वारा जैव विविधता के संरक्षण के संबंध में व्यक्त किये गये विचारों पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस फिल्म के माध्यम से जैव विविधता के संरक्षण में नदियों विशेषकर नर्मदा नदी के महत्व के संबंध में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम का संचालन अनुविभागीय वनाधिकारी श्री आर.एन.सक्सेना ने किया। संगोष्ठी में विभिन्न शासकीय विभागों के कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।
महिपाल/कपूर

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