मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल स्थित आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सर्विस डे कार्यशाला का शुभारंभ कर विचार साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया।
"अंग्रेजों द्वारा सिविल सेवा शुरू करने से पहले ही हमारे देश में ये प्रणाली राजाओं के दरबार में नवरत्न और प्रशासकों जैसे विभिन्न रूपों में थी। हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्य प्रदेश में सभी क्षेत्रों में सिविल सेवाएं शानदार काम कर रही हैं। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से कई लोगों की समस्याओं का समाधान हमने किया है। यह हमारा प्रदर्शन और आउट ऑफ़ द बॉक्स सोच है, जिसने हमें अन्य राज्यों द्वारा अनुकरण की जाने वाली योजनाओं को शुरू करने में मदद की है। मैं सिविल सेवा का अधिकारियों से कहना चाहता हूँ कि हम जिस भी विभाग से आते हैं, उस विभाग के लिए अपना सर्वस्व झोंक कर काम करें, क्योंकि जनकल्याण कोई नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। मैं जब भी प्रदेशवासियों से मिलता हूँ तो मेरे मन में एक ही विचार होता है कि उनसे बात करके, उनकी समस्याएँ सुनकर, समाधान की कोशिश करूँ। यही तड़प प्रदेश के हर एक लोकसेवक में होनी चाहिए। कई बार अचानक चुनौतियां सामने आ खड़ी होती है, तब त्वरित निर्णय लेकर काम करना होता है। इसी तरह की पारिस्थिति में हमने भावान्तर भुगतान योजना बनाई थी। हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिए, जहां भी नकारात्मक सोच की दखल हो जाती हैं वहां सफलता असंभव है। मध्यप्रदेश लगभग सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में हम लगातार पुरस्कार जीत रहे हैं। नियम व प्रक्रियाएं कई मामलों में आड़े आती हैं ऐसे में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ संवेदना भी साथ है तो हर कार्य पूर्ण होना ही होना है। आवश्यक नहीं कि हमें सफलता हर बार प्राप्त हो, कभी असफल भी होना पड़ता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उस असफलता से हताश हो कर रह जाएं, हमारा प्रयास महत्व रखता है।": मुख्यमंत्री
"अंग्रेजों द्वारा सिविल सेवा शुरू करने से पहले ही हमारे देश में ये प्रणाली राजाओं के दरबार में नवरत्न और प्रशासकों जैसे विभिन्न रूपों में थी। हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्य प्रदेश में सभी क्षेत्रों में सिविल सेवाएं शानदार काम कर रही हैं। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से कई लोगों की समस्याओं का समाधान हमने किया है। यह हमारा प्रदर्शन और आउट ऑफ़ द बॉक्स सोच है, जिसने हमें अन्य राज्यों द्वारा अनुकरण की जाने वाली योजनाओं को शुरू करने में मदद की है। मैं सिविल सेवा का अधिकारियों से कहना चाहता हूँ कि हम जिस भी विभाग से आते हैं, उस विभाग के लिए अपना सर्वस्व झोंक कर काम करें, क्योंकि जनकल्याण कोई नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। मैं जब भी प्रदेशवासियों से मिलता हूँ तो मेरे मन में एक ही विचार होता है कि उनसे बात करके, उनकी समस्याएँ सुनकर, समाधान की कोशिश करूँ। यही तड़प प्रदेश के हर एक लोकसेवक में होनी चाहिए। कई बार अचानक चुनौतियां सामने आ खड़ी होती है, तब त्वरित निर्णय लेकर काम करना होता है। इसी तरह की पारिस्थिति में हमने भावान्तर भुगतान योजना बनाई थी। हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिए, जहां भी नकारात्मक सोच की दखल हो जाती हैं वहां सफलता असंभव है। मध्यप्रदेश लगभग सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में हम लगातार पुरस्कार जीत रहे हैं। नियम व प्रक्रियाएं कई मामलों में आड़े आती हैं ऐसे में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ संवेदना भी साथ है तो हर कार्य पूर्ण होना ही होना है। आवश्यक नहीं कि हमें सफलता हर बार प्राप्त हो, कभी असफल भी होना पड़ता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उस असफलता से हताश हो कर रह जाएं, हमारा प्रयास महत्व रखता है।": मुख्यमंत्री
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