Monday, 3 April 2017


 




लोक सेवा गारंटी अधिनियम के समय-सीमा बाह्र प्रकरण में अर्थदण्ड की कार्यवाही 
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ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पेयजल व अन्य कार्यों के लिये जल की सुचारु व्यवस्था हो 
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कलेक्टर ने सभी एसडीएम को दिये सख्त निर्देश
इंदौर 3 अप्रैल, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने टी.एल.बैठक में समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल व अन्य कार्यों के लिये जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। कहीं भी पानी की कमी नहीं होना चाहिये। सभी एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपंप व अन्य पानी के स्त्रोत सुचारू रूप से कार्य करते रहे। हैंडपंप खराबी की शिकायत आने पर 24 घण्टे में हैंडपंप को सुधारा जाये। एसडीएम प्रत्येक सप्ताह जनपद सीईओ और पीएचई के अधिकारियों के साथ उसकी समीक्षा करते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये कि कहीं भी दूषित पानी पेयजल के रूप में उपयोग न हो। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि भारत स्वच्छता अभियान के अंतर्गत इंदौर जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि टॉयलेट आदि जरूरी कार्यों के लिये पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो। पानी की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति खुले में शौच न जाय, इसके लिये भी निरीक्षण दलों को तैनात किया जाये और अधिकारी भी सुबह-सुबह इसका निरीक्षण करते रहें।
बैठक में पीएचई के अधिकारी ने बताया कि नल-जल योजना के अंतर्गत मोटर, केबल व अन्य समस्याओं के निराकरण के लिये पर्याप्त राशि उपलब्ध है। ग्राम पंचायत द्वारा मांग किये जाने पर इस संबंध में तुरंत ही राशि उपलब्ध करा दी जायेगी। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र में भी पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिये कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि पेयजल संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आवश्यकता पड़ने पर बड़े निजी जल स्त्रोतों हैंडपंप, कुंए आदि का अधिग्रहण किया जाये और उसका उपयोग सार्वजनिक रूप से  से जनता के लिये पेयजल के लिये किया जाये।
कलेक्टर ने टीएल बैठक में सभी अधिकारियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं को समय सीमा में उपलब्ध कराये जाने के सख्त निर्देश दिये हैं। समय सीमा बाह्र प्रकरणों में एसडीएम के संबंध में प्रकरण संभागायुक्त को अर्थदण्ड हेतु प्रेषित कर दिये गये। साथ ही तहसीलदार के पास लंबित समय सीमा बाह्र प्रकरणों पर अर्थदण्ड की कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री समाधान ऑनलाइन प्रकरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विगत एक वर्ष के एल-वन, एल-टू स्तर पर लंबित प्रकरणों में क्या कार्यवाही की गयी है। इसके पूर्ण विवरण बनाकर प्रस्तुत किया जाये। जिन अधिकारियों द्वारा लापरवाहीपूर्वक कार्य किया गया है, ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध शासन व विभाग को लिखा जायेगा।
बैठक में गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सहकारिता व खाद्य अधिकारी को निर्देश दिये कि गेहूं खरीदी के बाद किसानों के खाते में 48 घण्टे के अंदर गेहूं खरीदी की राशि का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाये। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिये। साथ ही एडीएम श्री अजय देव शर्मा को निर्देश दिये कि किसानों को उनके खाते में भुगतान की जा रही राशि की व्यवस्था की समीक्षा करते हुये जिला खाद्य अधिकारी श्री मीणा ने बताया कि इस वर्ष अभी तक 68 हजार 710 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। जिले में पंजीकृत 22 हजार 323 किसानों में से 7 हजार 972 किसानों के द्वारा गेहूं बेचा गया है। वर्तमान समय तक 63 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। 57 हजार मीट्रिक टन  से अधिक गेंहू को परिवहन किया जा चुका है।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान माननीय मुख्यमंत्रीजी के घोषणा के अनुसार वृक्षारोपण किया जाना है। इसके लिये तैयारियां शुरू कर दी जायें। शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों पर वृक्षरोपण के लिये तैयारी शुरू की जाये। टीएल बैठक में सभी अधिकारी उपस्थित थे।
राठौर/कपूर

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