“दस्तक अभियान“ का प्रथम चरण जून माह से होगा शुरू
इंदौर, 19 मई 2018
दस्तक अभियान के प्रथम चरण का आयोजन 14 जून 2018 से 31 जुलाई 2018 तक किया जायेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं एकीकृत बाल विकास सेवाओं के संयुक्त दल (ए.एन.एम.,आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता) द्वारा 5 वर्ष से छोटे उम्र के बच्चों वाले परिवारों के घर पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की दस्तक दी जायेगी एवं इस उम्र के बच्चों में प्रायः पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान सुनिश्चित की जायेगी।
दस्तक अभियान का उद्देश्य है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों मे प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन ताकि बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके। अभियान के दौरान समुदाय में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान की जायेगी। प्रबंधन एवं रेफरल, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों मे शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग के नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग संबंधी समझाईश व प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. पहुंचाना, 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन, 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों मे गंभीर एनिमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान की जायेगी। 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण,गृहभेंट के दौरान आंशिक रुप से टीकाकृत व छूटे हुए बच्चों की टीकाकरण स्थिति की जानकारी ली जायेगी। समुचित शिशु एवं बाल आहारपूर्ति व्यवहार को बढावा देने के लिए समझाईश दी जायेगी। एस.एन.सी.यू. एवं एन.आर.सी. से छुट्टी प्राप्त बच्चों मे बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फालोअप को प्रोत्साहन, बाल मृत्यु (विगत 6 माह मे) की जानकारी एकत्रित की जायेगी।
/महिपाल/वटके
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