तहसीलदार अपने मूल कार्यों से विरत नहीं हों - कमिश्नर
इंदौर 10 मई 2018
संभागायुक्त इंदौर श्री राघवेंद्र सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर्स के लिए कई दिशा संकेत तय किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि राजस्व विभाग के कार्यों में अभी और प्रगति अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि तहसीलदारों को उनके मूल कार्य राजस्व न्यायालयों से विरत नहीं रखें। उन्हें प्रोटोकॉल या अन्य कार्यों में अत्यंत अपरिहार्य परिस्थिति में ही लगाया जाए। वह निरंतर राजस्व न्यायालय में बैठे और किसानों के प्रकरण तेजी से निराकृत करें। श्री राघवेंद्र सिंह ने प्याज खरीदी के संबंध में भी सभी कलेक्टरों से सजग रहने के लिए कहा है।
उन्होंने प्याज के बेहतर भण्डरण और वितरण के संबंध में सभी कलेक्टर को एक ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा है। यह ड्राफ्ट सभी कलेक्टरों के सुझावों पर आधारित होगा। जिसे अलीराजपुर कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा अंतिम रूप देंगे। ड्राफ्ट तैयार करने में इंदौर कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े कोआर्डिनेटर रहेंगे। श्री राघवेंद्र सिंह ने सरदार सरोवर परियोजना के संबंध में भी संबंधित जिलों को टाइम लिमिट में सभी कार्य पूरा करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि वह निकट भविष्य में स्वयं मौका स्थलों को देखेंगे और कुक्षी में एक बैठक लेंगे।
श्री राघवेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाया गया है, उन्हें गैस सिलेंडर की आपूर्ति सतत् बनी रहे। सभी जिला पंचायतों के सीईओ अपने ग्रामीण अमले के माध्यम से यह प्रयास करें कि ऐसे परिवार पुन: लकड़ी के चूल्हे की ओर वापस नहीं लौटे। संभागायुक्त श्री राघवेंद्र सिंह ने राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा में सभी कलेक्टरों से यह कैफियत पूछी की उनके जिलों में 2 साल से अधिक समय के प्रकरण लंबित क्यों हैं, उन्होंने इन प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश भी दिए। विवादित नामांतरण के पंजीयन और निराकरण में इंदौर जिले में अच्छी प्रगति पाई गई है।
इंदौर संभाग में सबसे अधिक 1381 विवादित नामांतरण चालू वर्ष में इंदौर जिले में निराकृत हुए हैं। संभागायुक्त श्री राघवेंद्र सिंह ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा के बाहर प्रकरण होने पर संबंधित अधिकारी पर अनिवार्य रूप से जुर्माना करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त ने माननीय उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में चल रहे प्रकरणों में भी कलेक्टरों को सक्रियता के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में इन प्रकरणों के जवाब दावा तैयार करने का अभियान चलाएं। सभी प्रभारी अधिकारी नियमित रूप से कोर्ट के साफ्टवेयर में प्रकरण देखें और उन्हें अद्यतन रखें।
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