Wednesday, 11 January 2017

14 जनवरी 2017 को होगी आनन्दम की शुरूआत


                                  ""आनन्दम'' से जरूरतमंद लोगों की होगी जरूरत पूरी
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              मध्यप्रदेश शासन ने सभी कलेक्टर्स को ""आनन्दम'' की व्यवस्था करने के दिये निर्देश
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             मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश में एक साथ सभी जिलों को करेंगे सम्बोधित
इंदौर 11 जनवरी, 2017
    मध्यप्रदेश शासन के आनंद विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस ने सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं कि 14 जनवरी 2017 को प्रात: साढ़े 11 बजे जिला मुख्यालयों पर आनन्दम कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमें मुख्यमंत्री एक साथ पूरे प्रदेश में सम्बोधित करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के भाषण को सुनने और देखने के लिए एलईडी लगाकर सीधे प्रसारण की व्यवस्था की जायेगी। 
    मध्यप्रदेश शासन ने आनंद विभाग के गठन के साथ ही लोगों में आत्मविश्वास पैदा करने, समाज में एक-दूसरों की जरूरतों का ख्याल रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के बोध को जागृत करने के लिये प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आनन्दम की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किये हैं। आनन्दम के अन्तर्गत जरूरतमंद व्यक्तियों के लिये नि:शुल्क उनकी जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही इन आनन्दम में इन वस्तुओं को ऐसे व्यक्तियों द्वारा रखा जायेगा जो किसी के पास अधिक मात्रा में है या उसके लिये अनुपयोगी है। वे लोग इस आनन्दम में जाकर उन वस्तुओं को रख सकेंगे, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति, महिलाएं, बच्चे अपने जरूरत की चीजों को आनन्दम से प्राप्त कर सकेंगे।
    ज्ञात हो कि विभिन्न जिलों में जरूरतमंद व्यक्तियों को नि:शुल्क वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिये स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा नेकी की दीवार की परिकल्पना कर यह कार्य किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में अलग-अलग नामों से इस कार्य को किया जा रहा है। राज्य शासन ने इस संबंध में यह निर्णय लिया है कि इस व्यवस्था को अब आनन्दम नाम दिया जायेगा और ऐसे सभी स्थानों पर जहां आनन्दम की स्थापना की जायेगी वहां बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा जायेगा :-
                                                            ""आनन्दम''
           जो आपके पास अधिक है यहां छोड़ जाएं, जो आपकी जरूरत का है यहां से ले जाएं।

        इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिये जन-प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आनन्दकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी ताकि यह कार्यक्रम समाज एवं जनता का कार्यक्रम बनें।

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