इंदौर 6 जनवरी, 2017
इंदौर
मध्यप्रदेश में उद्योगों के निवेश के लिये मुख्य द्वार है। उद्योगपति
इंदौर और इंदौर के आसपास ही प्रारंभिक रूप से औद्योगिक निवेश करने के
इच्छुक रहते हैं। जीआईएस-2016 में भी पांच लाख करोड़ के प्रस्ताव हमें
प्राप्त हुए थे, जिसके द्वारा ढाई हजार से अधिक उद्योगपतियों ने उद्योग
मध्यप्रदेश में निवेश के लिये अपनी इच्छा व्यक्त की थी। अधिकतर उद्योगपति
इंदौर और इंदौर के आसपास ही निवेश करने के लिये उत्सुक रहे हैं, और हमारा
प्रयास भी रहा है कि एक बार कोई भी उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के लिये
आये तो उसे हम सभी सुविधाएं उपलब्ध करायें । इंदौर के आसपास निवेश करने के
बाद उसे हम आसानी से और निवेश के लिये जबलपुर, ग्वालियर और मध्यप्रदेश के
अन्य इलाकों में ले जा सकते हैं। उक्त बात उद्योग, वाणिज्य एवं रोजगार
मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने औद्योगिक इंजीनियरिंग एक्सपो-2017 के
शुभारंभ अवसर पर कही। एक्सपो-2017 लगातार चार वर्षों से आयोजित किया जा रहा
है। जिसमें प्रतिवर्ष लाखों लोग उद्योग लगाने के लिए, आवश्यक मशीनरी की
जानकारी प्राप्त करने के लिये, उद्योगों में निवेश के लिए अपनी आवश्यकताओं
की पूर्ति के लिये आते हैं। इस वर्ष यह एक्सपो लाभगंगा गार्डन बायपास रोड
पर लगाया गया है। इस एक्सपो का शुभारंभ उद्योग, वाणिज्य एवं रोजगार मंत्री
श्री राजेन्द्र शुक्ल और महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने किया।
कार्यक्रम
में मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी देश, प्रदेश और समाज
की उन्नति के लिये तीन क्रांति महत्वपूर्ण स्थान रखती है- कृषि, पर्यटन,
उद्योग। क्षेत्र में किये जाने वाले परिवर्तन और निवेश से दिशा और दशा
दोनों बदली जा सकती है। मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र में भागीरथी प्रयास
किये गये हैं। जिसके परिणाम स्वरूप लगातार चार वर्षों से प्रदेश को कृषि
कर्मण अवार्ड मिल रहा है। मुख्यमंत्रीजी के लगातार प्रयासों से कृषि सिंचाई
रकबा सात लाख हेक्टेयर से बढ़कर चालीस लाख हेक्टेयर तक हो गया है। घरों एवं
उद्योगों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा
रही है। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य किया गया है।
रीवा में देश की पहली टाइगर सफारी, खण्डवा में पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू
का विकास, खजुराहो, ग्वालियर, माण्डू हमारी ऐतिहासिक धरोहर से पर्यटन में
विगत 10 वर्षों में कई गुना वृद्धि हुई है। देश में पर्यटन के क्षेत्र में
लगातार पुरस्कार मिलना इसका प्रमाण है।
उद्योगों
को बढ़ावा देने के लिये पूरे विश्व में सबसे बेहतर काम मध्यप्रदेश में हुआ
है। हमारे पास एक लाख बीस हजार हेक्टेयर का लैण्ड बैंक है। इसमें से चालीस
हजार हेक्टेयर विकसित लैण्ड बैंक उपलब्ध है। मध्यप्रदेश में उद्योगों को और
अधिक बढ़ावा देने के लिये औद्योगिक निवेश करने वाले उद्योगपतियों को आकर्षक
छूट व पर्याप्त सुविधायें दी जा रही है। प्रारंभिक तौर पर उद्योग निवेश
होने पर विद्युत, करों एवं आधारभूत संरचना के लिए भी विशेष छूट का प्रावधान
किया गया है। इंदौर के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये निरंतर
प्रयास जारीे है। अहमदाबाद-मुंबई रोड पर 350 करोड़ रूपये की लागत से 12 सौ
एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिये विकसित की जा रही है।
उद्योग
मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ''मेक इन इंडिया'' को पूरा
करने के लिये ही ""मेड इन एमपी'' चालू किया गया है और इसको पूरा करने के
लिए प्रदेश सरकार उद्योगपतियों को हर संभव सहायता और सुविधायें उपलब्ध करा
रही है।
केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से
इंदौर में एयर कार्गो बनाने की माँग - श्री राजेन्द्र शुक्ल
उद्योग
मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने
केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला
सीतारमण से भेंट की और प्रदेश में औद्योगिक निवेश की बेहतर संभावनाओं को
देखते हुए इंदौर में एयर कार्गो बनाने की माँग उनके समक्ष रखी है। साथ ही
यह भी कहा कि इंदौर के आसपास उद्योग फैले हुए हैं। इनसे निर्मित सामानों को
निर्यात करने के लिये एयर कार्गो का होना बहुत जरूरी है। इसके साथ
जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर भी यहां से जाने वाले सामान के लिए जगह आरक्षित
करने और उन्हें तुरंत बंदरगाहों के माध्यम से एक्सपोर्ट के लिये भेजने हेतु
विशेष व्यवस्था करने की माँग की गई। परिवहन पर लागत कम करने के लिये टीही
में कन्टेनर ड्राइपोर्ट बनाया जा रहा है। जिसके माध्यम से रेल द्वारा
कन्टेनर सीधे बंदरगाह तक पहुचेंगे।
उद्योग
एवं रोजगार मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यहां के उद्योगपतियों द्वारा
इंदौर में एक कन्वेंशन सेंटर की माँग रखी गई है। जिसे जल्दी ही मुख्यमंत्री
श्री शिवराजसिंह चौहान के समक्ष रखा जायेगा। जिसमें वह अपने औद्योगिक
उत्पादों को प्रदर्शित कर सकें। जिससे उनके उत्पादों को उद्योगपति एवं
उपभोक्ताओं के लिए प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित हो सकेंगे।
उद्योगपतियों ने अपनी माँग में कहा कि वर्तमान में उन्हें इसके लिए निजी
भूमि किराये पर लेकर खर्च करना पड़ता है। जिससे उत्पादों की लागत में वृद्धि
होती है।
कार्यक्रम
में महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि इंदौर प्रदेश के औद्योगिक और
व्यावसायिक राजधानी बन गया है। नगर निगम इंदौर द्वारा उद्योगों के विकास के
लिये जो भी आधारभूत संरचना की आवश्यकता होगी उसे पूरा कराने के प्रयास
किये जाएंगे। इंदौर में स्वच्छता अभियान चल रहा है। इसमें पूरे इंदौर को
खुले में शौच से मुक्त और कचरा प्रबंधन के साथ-साथ क्लीन इंदौर ग्रीन इंदौर
में आपकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके, क्योंकि उद्योग जो उत्पाद बनाते हैं
यदि वे पर्यावरण अनुकूल होंगे तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और इंदौर भी
सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम में उद्योगपतियों ने भी भाग लिया। उद्योग मंत्री
ने विभिन्न कम्पनियों के द्वारा एक्सपो-2017 में लगाये गये स्टालों का भी
निरीक्षण किया।
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