Tuesday, 20 March 2018

फल व सब्जियों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता- संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा

फल व सब्जियों के संरक्षण व प्रसंस्करण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

इंदौर, 20 मार्च 2018

      किसानों द्वारा मेहनल से उपजाये गये फल व सब्जियों का शतप्रतिशत उपयोग तभी हो सकता है जब समुदाय का प्रत्येक परिवार मौसमी फल व सब्जियों का सुरक्षित भण्डारण व उपयोग करें। आई सी डी एस के क्षेत्रीय अमलें को यह जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना होगी, तभी कुपोषण को सुपोषण में बदला जा सकेगा। यह विचार महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा द्वारा व्यक्त किये गये।

      जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने बताया कि फल व सब्जियों के संरक्षण व प्रसंस्करण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय प्रेस क्लब सभागार में किया गया। पोषण विशेषज्ञ प्रोफेसर मुनीरा हुसैन ने फलों व सब्जियों के पोषण महत्व को विस्तार से समझाया। राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की वैज्ञानिक डॉ0 नेहा पाण्डे द्वारा सोयाबीन से बनने वाले पौष्टिक व्यंजनों की जानकारी गई। पोषण सलाहकार व परियोजना अधिकारी डॉ0 अनीता जोशी द्वारा फल और सब्जियों के संरक्षण से पोषण रक्षा के बारे में जानकारी देते हुए घरेलू स्तर पर विभिन्न खादद्य पदार्थो के संरक्षण के बारे में चर्चा की गई।

इस अवसर पर माँ एक वीरा स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा घरेलू स्तर पर संरक्षित किये गये भोज्य पदार्थ की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यशाला में इंदौर जिले के आई.सी.डी.एस. परियोजनाओं के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षकगण एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महाविदद्ययालयीन छात्राएं आदि प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में डॉ0 अनिता जोशी द्वारा लिखी गयी पुस्तिका “फल एवं सब्जियों के संरक्षण से सुपोषण” का विमोचन किया गया। अतिथियों का आभार श्रीमती जया रत्नाकर द्वारा व्यक्त किया गया।

क्रमांक/184/407/भदौरिया/विजय





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