Wednesday, 21 March 2018

सफलता की कहानी
दूसरो के सौंदर्य को सजाने-सवारने वाली प्रणाली का जीवन अब लगा सजने-सवरने
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जीवन में आया बदलाव
इंदौर, 21 मार्च 2018
      मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में मददगार बन रही है। इन्दौर जिले में इस योजना के तहत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माध्यम से कई युवाओं ने लाभ उठाया है और स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने में सफल हुए हैं। इन्हीं में एक है, इन्दौर की नेमा नगर निवासी श्रीमती प्रणाली वोरडे पति नितीन वोरडे, जिन्होंने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर स्वयं का ब्यूटी पार्लर स्थापित किया है।
      यह युवती दूसरों के सौंदर्य को तो सजाने-संवारने में लगी रही, किन्तु खुद का जीवन नहीं सुधार पा रही थी। ऐसे में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव का बड़ा कारक बनीं। इस योजना की मदद लेकर वह अब आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनने लगी है। अब उसकी स्थिति ऐसी हो रही है कि वह दूसरों को भी नौकरी देने के स्तर पर पहुंच गयी है। अपनी सफलता की कहानी स्वयं बया करती हुई श्रीमती प्रणाली वोरडे कहती है कि ब्यूटी पार्लर के क्षेत्र में काम करने की रूचि तो उसे पहले से ही थी।
      इसके लिये श्रीमती विद्या भारतीय से ब्यूटी पार्लर संचालन का प्रशिक्षण भी लिया और उनके साथ काम शुरू किया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मदद लेकर आज उन्होंने अपनी व्यावसायिक गुरु श्रीमती विद्या भारतीय के ब्यूटी पार्लर के सामने ही ''अंशिका ब्यूटी पार्लर'' नाम से अपना ब्यूटी पार्लर खोल लिया है। श्रीमती प्रणाली ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में उन्हें विद्या भारतीय ने ही बताया था कि इस काम के लिये उन्हें पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से ऋण मिल सकता है। तब मैंने सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग श्री अनिल सोनी से सम्पर्क किया। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा प्रकरण तैयार कर बैंक में प्रेषित कर दिया। बैंक द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनान्तर्गत पाँच लाख रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया। विभाग द्वारा  एक लाख 50 हजार रूपये अनुदान भी प्रदान किया गया। बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण से ब्यूटी पार्लर की साज-सज्जा, उपकरण, आधुनिक कैंची, कास्मेटिक सामग्री, फर्नीचर आदि का क्रय किया है।
      श्रीमती प्रणाली बताती हैं कि ब्यूटी पार्लर से प्रतिमाह 5 से 10 हजार रूपये तक की आय हो जाती है। इससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने में सफल होकर जहाँ आर्थिक रूप से स्वावलम्बी हो पायी हैं, वहीं अपने परिवार की आय को बढ़ाने में सहायक बनी है। उन्होंने बताया कि शादी-ब्याह और त्यौहारों के अवसरों पर विशेष तौर पर अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। वह अपने व्यवसाय से न केवल खुश है बल्कि मुख्यमंत्रीजी की शुक्रगुजार है, जिन्होंने युवक-युवतियों के बारे में सोचा और इतनी अच्छी योजना शुरू की।  
क्रमांक /194/417/भदौरिया/जी

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