Saturday, 7 April 2018

इंदौर संभाग के झाबुआ जिले की 375 में से 227 पंचायतों में
 बेटों की तुलना में बेटियाँ अधिक
ग्राम पंचायतों को मिलेगा एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार 
इंदौर, 7 अप्रैल 2018
    इंदौर संभाग के झाबुआ जिले ने लिंगानुपात सुधारने के मामले में अनुकरणीय मिसाल पेश की है। जिले के लगभग दो-तिहाई गाँवों में दो वर्षों में साल तक के बच्चों में बेटियों की संख्या बेटों के मुकाबले अधिक मिली है। जिले की कुल 375 ग्राम पंचायतों में से 227 में लड़कियाँलड़कों की तुलना में अधिक हैं। सभी 227पंचायतों को शासन द्वारा एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। पुरस्कार राशि का उपयोग बेटियों की बेहतरी के लिये किया जायेगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पुरस्कार की यह योजना शुरू की थी। इसमें जिन ग्राम पंचायतों में साल तक की बेटियों की संख्या बेटों के मुकाबले अधिक होगीउन्हें सम्मान स्वरूप एक-एक लाख रुपये की राशि पुरस्कार में दी जायेगी। जिला प्रशासन ने वर्ष 2016 और 2017 में एक से 31 जनवरी के बीच साल तक के बच्चों की जानकारी जुटाईजिसमें यह सुखद परिणाम मिले।
कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना का कहना है कि लिंगानुपात बढ़ाने में झाबुआ की आदिवासी परम्परा का भी योगदान है। यहां समाज में बेटे-बेटी में अंतर नहीं किया जाता। कन्या भ्रूण हत्या के मामले सुनने में नहीं आते। वधु मूल्य लेने की परम्परा है।

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