Monday, 2 April 2018

इंदौर 02 अप्रैल,2018
      विश्व ऑटिज्म दिवस 02 अप्रैल 2018 के उपलक्ष्य में ऑटिज्म के प्रति जन-जागरूकता हेतु सामाजिक न्याय विभाग तथा स्वैच्छिक संगठन पार्थ वूमन एण्ड स्पेशल चाइल्ड डवलप्‍मेंट सोसायटी द्वारा कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के हाथों डॉक्यूमेंटरी फिल्म की सीडी का विमोचन कराया गया। इस अवसर पर डॉक्यूमेंटरी फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
      बताया गया कि ऑटिज्म एक मस्तिष्क संबंधी विकार है जो अकसर इससे ग्रस्त व्यक्ति का दूसरे व्यक्तियों के साथ संबंधित होना कठिन बनाता हैं। ऑटिज्म में मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्र एक साथ काम करने में विफल हो जाते हैं। इस दौरान जानकारी दी गई कि प्रति 100 बच्चों में एक बच्चा ऑटिज्म के स्पेक्ट्रम में होने की संभावना रहती हैं। एक अनुमान के मुताबिक देश में लगभग 13 मिलियन लोग ऑटिज्म के स्पेक्ट्रम में हैं।
      कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने कहा कि जिले में समर्पण अभियान इसलिए संचालित किया गया है कि बच्चों में शुरूआती उम्र में ही ऐसे विकारों का पता लगाकर उपचार किया जा सके। शुरूआती अवस्था में उपचार हो जाने से बच्चों को भावी जीवन में इस प्रकार के विकारों से छुटकारा मिल सकेगा। इस अवसर पर एडीएम श्री कैलाश वानखेड़े, मुख्य कार्यपालन जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री बीसी जैन तथा स्वैच्छिक संगठन के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
क्रमांक/भदौरिया/जी

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