संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, इंदौर
सफलता की कहानी
दीपक की रोशनी से 5 परिवारों में रोजगार की रोशनी छाई
इंदौर 14 मार्च 2018
मैं दीपक पिता अर्जुन
अनुसूचित जाति ग्राम घाटा बिल्लौद तहसील देपालपुर जिला इंदौर म.प्र. का निवासी हूं और आठवी पास हूं। मुझे अपने
दोस्तों के माध्यम से मालूम हुआ हैं कि म.प्र. शासन के मुख्य मंत्री अनुसूचित जाति
आर्थिक विकास योजना चालू की गई हैं, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के बंरोजगार युवाओं
का अपना स्वयं का धंधा स्थापित करने हेतु ऋण दिया जाता हैं।
मैंने भी अपना रोजगार चालू
करने के लिए जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति इंदौर में संपर्क किया, जहां मुझे बताया गया है कि आपको बैंक के माध्यम से
ऋण मिलेगा। जिसमें 30 प्रतिशत अनुदान राशि मिलेगी एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी
मिलेगा। मैने ईंट भट्टा व्यवसाय हेतु राशि 5 लाख का आवेदन किया, जिसे विभाग के
द्वारा बैंक ऑफ इंडिया शाखा बेटमा में भेजा गया। बैंक द्वारा मुझे व्यवसाय के बारे
में पूछा गया, तथा मुझे 5 लाख का ऋण
स्वीकृत हुआ हैं। मैंने अपने गांव में ही लीज पर खदान लेकर ईंट बनाने का धंधा चालू
किया गया। मुझे बैंक के द्वारा भी योजना में मार्गदर्शन दिया गया तथा किस्तों में
ऋण राशि दी गयी। मेरे द्वारा प्रारंभ में 1 लाख ईंट बनायी गयी, जिसमें 05 लोगों को
रोजगार भी मिला हैं। वर्तमान में ईंट 04 हजार रूपये प्रति हजार के भाव से बिक रही
है, जिससे मुझे 25 से 30 हजार रूपये की आय होती हैं, जिससे बैंक की किस्त 7 हजार
रूपये भी चुका रहा हूँ एवं आपने परिवार का भरण-पोषण भी कर रहा हुँ। पहले में
मजदूरी कर 5 से 6 हजार रूपये व्यवसाय आगे बढ़ा रहा हूं तथा शासन कि योजना के बारे
में दूसरे लोगों को भी बता रहा हूं।
क्रमांक 127/340/राठौर/जी
No comments:
Post a Comment