पाँच लाख से अधिक कर दाताओं को मिला स्व-कर निर्धारण का फायदा
पंजीकृत कर दाताओं का नवीन कर प्रणाली में माइग्रेशन
इंदौर 26 मार्च 2018
प्रदेश में नवीन कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने
के बाद से अनेक कराधान प्रणालियों के अन्तर्गत कर दाताओं को वाणिज्यिक कर विभाग ने
राहत पहुँचायी है। इसके अंतर्गत 5
लाख से अधिक कर दाताओं को स्व-कर निर्धारण
का फायदा पहुँचाया गया है।
वाणिज्यिक कर विभाग ने
स्व-कर निर्धारण के अंतर्गत वर्ष 2015-16 की अवधि के लिए प्रस्तुत विवरण पत्रों
को यथावत मानते हुए 2 लाख 79 हजार प्रकरणों का निराकरण कर दाताओं को कार्यालय में बुलाए बिना
किया है। विभाग ने कर दाताओं को अधिक राहत देने के लिए डीम्ड कर निर्धारण योजना
जून 2017 में शुरू की थी। इस योजना में 50 करोड़ तथा 50 करोड़
रूपये से अधिक के सालाना टर्न ओवर वाले कर दाताओं के लिए सुविधा देने का प्रावधान
किया गया था। प्रदेश में इस योजना में 2 लाख 22 हजार 700 से अधिक कर दाताओं को फायदा पहुँचाया
गया है। विभाग ने प्रदेश में जुलाई 2017 से वाणिज्यिक कर विभाग की सभी जाँच
चौकियों को भी समाप्त कर दिया है।
जीएसटी प्रणाली का
क्रियान्वयन: प्रदेश में नवीन जीएसटी प्रणाली का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया
जा रहा है। पूर्व में पंजीकृत करदाता व्यवसाइयों में से लगभग 99 प्रतिशत
कर दाताओं को नवीन कर प्रणाली के अंतर्गत लाया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों को
नवीन कर प्रणाली एवं एप्लीकेशन के संबंध में प्रशिक्षित किया
जा चुका है। वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में कर दाताओं को तथा कर सलाहकारों को
विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से नवीन कर प्रणाली के प्रावधान में जानकारियां दी
है। प्रदेश में नवीन कर प्रणाली का क्रियान्वयन जीएसटी नेटवर्क के माध्यम से किया
जा रहा है। इसके अंतर्गत कर दाताओं को ई-पंजीयन, ई-रिटर्न और ई-पेमेन्ट की सुविधाएं
उपलब्ध करायी गई हैं
क्रमांक/258/788/भदौरिया/जी
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