सफलता की कहानी
सर्विस सेंटर का
मैनेजमेंट से सपना हुआ साकार
20 लाख के ऋण से प्रतिमाह 70 हजार रूपये की आय
6 परिवारों के मैकेनिक युवकों को
रोजगार भी मिला
इंदौर 15 मार्च 2018
मनीष पिता प्रेमसिंह तारे जाति खंगार 69 पं.
दीनदयाल उपाध्याय नगर सुखलिया इंदौर में रहते हैं। इन्हें न्यूज पेपर के माध्यम से
मालूम हुआ हैं कि म.प्र. शासन के द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण हेतु मुख्य
मंत्री अनुसूचित जाति आर्थिक कल्याण योजना चलाई जा रही हैं। इस योजना के माध्यम से
स्वरोजगार के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इस ऋण के
माध्यम से स्वयं का रोजगार स्थापित किया जा सकता हैं। इसके लिए जिला अंत्यव्यवसायी
में जाकर योजना की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना अंतर्गत
20 लाख तक का ऋण प्राप्त हो सकता हैं। ऐसा सुनकर मेरे इरादों को पंख लग गए और मैने
यह निश्चय किया कि अब मैं स्वयं का ही व्यवसाय करूंगा और अपने साथ परिवार और
मित्रों को जोड़कर उन्हें भी रोजगार के लिए प्रेरित करूंगा। ऋण की जानकारी प्राप्त
कर जिला अंत्यव्यवसायी विभाग में ऋण के लिए आवेदन किया और इसके साथ ही अपने
व्यवसाय की कार्ययोजना बना कर प्रस्तुत की। मनीष ने बताया कि इसके पहले वे नौकरी
कर रहें थे। जिससे उन्हें केवल 08 से 10 हजार रूपये का बामुश्किल प्रतिमाह
प्राप्त हो रहें थे। शिक्षा प्राप्ति के दौरान स्नातक किया और उसके बाद एम.बी.ए.
भी किया हैं। किन्तु स्वयं का व्यवसाय करने की इच्छा मन में बनी हुई थी। व्यवसाय
के लिए राशि की व्यवस्था न होने पर मैने नौकरी की और लगभग 3 साल तक काम किया। जब
मध्यप्रदेश शासन की अनुसूचित जाति वर्ग के लिए चलाई जा रही स्वरोजगार योजना की
जानकारी प्राप्त हुई तो मनीष अपना स्वयं का व्यवसाय
स्थापित करने हेतु जिला अन्त्यावसायी इंदौर में ऋण आवेदन दिया गया जिसे विभाग के
द्वारा ऋण प्रकरण बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा विजय नगर भेजा गया। मैंने फोर व्हीलर
सर्विस सेंटर खोलने हेतु ऋण राशि 20 लाख का आवेदन किया बैंक द्वारा व्यवसाय के
बारे में जानकारी ली गई तथा मुझे 20 लाख का ऋण स्वीकत किया गया दुकान किराये से
होण्डा सिटी शोरूम के पीछे साई कार सेंटर के नाम से दुकान खोली चूकि इस क्षेत्र
में फोर व्हीलर सर्विस सेंटर बहुत कम होने के कारण तथा इसक्षेत्र में उच्च सम्पन्न
के व्यक्तियों का निसाव होने के कारण बाहनों की संस्था अधिक हैं एवं बाहर के वाहन
भी बहुत आते हैं। इस कारण से व्यवसाय अच्छा चल रहा हैं। 20 लाख के ऋण से 16 लाख की मशीने
खरीदी हैं। तथा 4 लाख का सेंटर बनाया हैं। इस सेंटर में 05 से 06 बेरोजगार युवकों
को रोजगार भी मिल रहा हैं। तथा मुझे प्रति माह 70 हजार की आय हो रही हैं। जिससे
बैंक किस्त प्रतिमाह 30 हजार रूपये चुका रहा हूं तथा 05 से 06 लोगा का वेतन भी दे
रहा हूं। इस योजना में 3 लाख का अनुदान मिला हैं तथा 05 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी
मिल रहा हैं। मनीष ने बताया कि उसके जीवन में खुशहाली आयी हैं और वह व्यवसाय को ओर बढ़ाना चाहता हूं तथा
दूसरे लोगा को भी रोजगार देना चाहता हूं। यह शासन की योजना अनुसूचित जाति वर्ग के
लिए कल्याण करी हैं।
क्रमांक 138/361/राठौर/जी
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